MADHEPURA: मधेपुरा जिला मुख्यालय में विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। रेलवे कॉलोनी स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में 25 फीट के रावण के पुतले का पारंपरिक रूप से दहन किया गया। रावण का पुतला जलते ही पूरा परिसर आतिशबाजी और जयकारों से गूंज उठा। इस नजारे को देखने के लिए हजारों की संख्या में लोग जुटे। बच्चों, युवाओं और महिलाओं में खासा उत्साह देखने को मिला।
विजयादशमी को लेकर सुबह से ही शहर में उत्सवी माहौल बना रहा। श्रद्धालुओं ने विभिन्न दुर्गा मंदिरों में पहुंचकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। वहीं, रेलवे कॉलोनी में आयोजित दशहरा मेले में झूले, खिलौने, मिठाइयों और खाने-पीने की दुकानों पर लोगों की भीड़ लगी रही। परिवार के साथ पहुंचे लोगों ने मेले का आनंद लिया।
रावण दहन कार्यक्रम में उमड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। जिलाधिकारी अभिषेक रंजन और पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह ने मौके पर पहुंचकर विधि-व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान डीसीएलआर अनंत कुमार, मुख्यालय डीएसपी नेसार अहमद, सदर एसडीपीओ अजय कुमार, एडीएम अरुण कुमार, सदर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार सहित अन्य अधिकारी और पुलिसकर्मी मौजूद रहे। शहर में यातायात सुचारू बनाए रखने के लिए करीब आधा दर्जन ड्रॉप गेट बनाए गए थे। भारी वाहनों को बाईपास और वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट किया गया।
इधर, मधेपुरा के गौशाला स्थित रावण दहन कार्यक्रम अचानक स्थगित होने से लोगों को निराशा हाथ लगी। कार्यक्रम देखने पहुंचे लोगों को रावण दहन का इंतजार था, लेकिन आयोजन नहीं हो सका। कार्यक्रम स्थगित होने की वजह तत्काल स्पष्ट नहीं हो पाई। खास बात यह रही कि डीएम, एसपी समेत अन्य अधिकारी लगातार सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर रहे थे। इसके बावजूद गौशाला में रावण दहन का कार्यक्रम क्यों स्थगित हुआ, यह सवाल बना रहा। एक ओर रेलवे कॉलोनी में 25 फीट के रावण के दहन के साथ विजयादशमी का उत्सव धूमधाम से मनाया गया, वहीं दूसरी ओर गौशाला में कार्यक्रम स्थगित होने से लोगों के बीच इसकी वजह को लेकर चर्चा होती रही।