Bihar Police: मधेपुरा के जननायक कर्पूरी ठाकुर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से बुधवार तड़के दो उपचाराधीन कैदियों के फरार होने से पुलिस और अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया. दोनों कैदी अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने कैदी वार्ड की ग्रिल का पाइप तोड़कर बाहर निकले और बेडशीट को आपस में बांधकर रस्सी बनाई. इसके बाद उसी के सहारे पांचवीं मंजिल से नीचे उतरकर फरार हो गए. पुलिस ने सूचना मिलते ही घेराबंदी शुरू की और कुछ ही घंटों के भीतर दोनों को अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार कर लिया.
घटना बुधवार अलसुबह करीब 3:30 बजे की बताई जा रही है. दोनों कैदी जेएनकेटी मेडिकल कॉलेज के कैदी वार्ड में इलाज के लिए भर्ती थे. बताया गया कि मौका मिलते ही दोनों ने वार्ड की ग्रिल का पाइप तोड़ दिया और बिस्तरों पर रखी चादरों को आपस में बांधकर रस्सी बना ली. इसके बाद पांचवीं मंजिल से नीचे उतरकर अस्पताल परिसर से निकल गए.
जानकारी के अनुसार, शंकरपुर प्रखंड के मधेली बाजार वार्ड संख्या 12 निवासी मो. कलाम का पुत्र मो. इस्लाम उर्फ मो. जुगनू पिछले 11 दिनों से मेडिकल कॉलेज के कैदी वार्ड में भर्ती था. डॉक्टरों ने बुधवार को ही उसका ऑपरेशन करने का समय तय किया था. इसके बावजूद ऑपरेशन से पहले ही वह दूसरे कैदी के साथ अस्पताल से फरार हो गया.
दूसरा कैदी सिंहेश्वर थाना क्षेत्र के जजहट सबैला पंचायत वार्ड संख्या 5 निवासी अमुन हजर का पुत्र मो. हजर उर्फ अब्बु हजर था. उसे सोमवार को ही इलाज के लिए जेल से मेडिकल कॉलेज लाया गया था. दोनों के फरार होने के बाद पुलिस ने उनकी तलाश में अलग-अलग टीमों को लगाया.
कैदियों के फरार होने की सूचना मिलते ही सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम सक्रिय हो गई. एसआई रोशन कुमार ने पुलिस बल के साथ संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की.
पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मो. जुगनू को कुमारखंड प्रखंड के टेंगराहा स्थित उसकी बहन के घर से गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस के पहुंचने से पहले वह वहां छिपकर रहने की कोशिश कर रहा था.
वहीं दूसरे कैदी मो. हजर उर्फ अब्बु हजर को शंकरपुर प्रखंड के चौरा गांव से घेराबंदी कर पकड़ा गया. दोनों को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच सिंहेश्वर थाना लेकर पहुंची.
कैदी वार्ड अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित है और वहां सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी व सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं. इसके बावजूद दोनों कैदियों का ग्रिल का पाइप तोड़ना, चादरों को जोड़कर रस्सी बनाना और पांचवीं मंजिल से नीचे उतरकर अस्पताल से निकल जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है.
घटना के बाद अस्पताल में कैदियों की सुरक्षा को लेकर भी जांच शुरू कर दी गई है. सिंहेश्वर थानाध्यक्ष विनोद कुमार सिंह ने दोनों कैदियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है. उन्होंने बताया कि सुरक्षा में हुई चूक की विभागीय जांच कराई जा रही है. दोनों बंदियों के खिलाफ अभिरक्षा से भागने को लेकर नई धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.