लखीसराय: बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं, लेकिन अब कार्रवाई करने पहुंची पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम की सुरक्षा पर ही सवाल खड़े होने लगे हैं। लखीसराय में शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची उत्पाद विभाग की टीम पर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि टीम ने एक संदिग्ध शराब तस्कर को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और गिरफ्तार आरोपी को जबरन छुड़ाकर अपने साथ ले गए। अचानक हुए हमले में उत्पाद विभाग के तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए।

घटना चानन थाना क्षेत्र के लाखोचक-बसमतिया गांव की बताई जा रही है। देर रात उत्पाद विभाग की टीम को इलाके में शराब तस्करी किए जाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध गतिविधियों की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान टीम ने एक व्यक्ति को शराब तस्करी के संदेह में पकड़ लिया। उसके पास से एक बाइक भी बरामद की गई।

तस्कर को पकड़ते ही जुटने लगी भीड़

बताया जा रहा है कि कार्रवाई पूरी करने के बाद उत्पाद विभाग की टीम गिरफ्तार आरोपी को अपने साथ लेकर आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान कुछ लोग मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि लोगों ने उत्पाद विभाग की टीम को घेर लिया और पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया।

अचानक हुए इस हमले से उत्पाद विभाग की टीम को संभलने का मौका नहीं मिला। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों के साथ हाथापाई की और इसी दौरान भीड़ गिरफ्तार शराब तस्कर को छुड़ाकर अपने साथ ले गई। टीम के विरोध के बावजूद आरोपी को लेकर लोग मौके से निकल गए।

हमले में तीन पुलिसकर्मी घायल

हमले के दौरान उत्पाद विभाग के तीन पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। घटना के बाद घायल पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए लखीसराय सदर अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने उनका उपचार किया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक तीनों की हालत फिलहाल सामान्य बताई जा रही है।घटना के बाद विभाग के अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी गई। पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम अब उन लोगों की पहचान करने में जुटी है, जिन्होंने कार्रवाई में बाधा डालते हुए गिरफ्तार आरोपी को छुड़ाया।

बरामद बाइक पुलिस के कब्जे में

कार्रवाई के दौरान जिस बाइक को बरामद किया गया था, उसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। अब जांच एजेंसियां बाइक के आधार पर भी आरोपी की पहचान और शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि गिरफ्तार आरोपी को छुड़ाने के लिए मौके पर कितने लोग पहुंचे थे और घटना में कौन-कौन शामिल था। पुलिस की जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि क्या आरोपी को छुड़ाने के पीछे पहले से कोई साजिश थी या कार्रवाई के दौरान अचानक भीड़ जुटी।

शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई में बड़ी चुनौती

लखीसराय की यह घटना शराब तस्करी के खिलाफ अभियान में जुटी टीमों के सामने आने वाली चुनौती को भी सामने लाती है। पुलिस और उत्पाद विभाग की टीमें लगातार ग्रामीण और संवेदनशील इलाकों में छापेमारी कर शराब के अवैध कारोबार पर रोक लगाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में कार्रवाई के दौरान टीम पर ही हमला होना गंभीर मामला माना जा रहा है। इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि यदि शराब तस्करी के आरोप में गिरफ्तार व्यक्ति को भीड़ पुलिस की मौजूदगी में छुड़ाकर ले जाती है, तो कानून-व्यवस्था और पुलिस की सुरक्षा को लेकर स्थिति कितनी गंभीर है। हालांकि, पूरे मामले की तस्वीर पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही साफ होगी।

आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

फिलहाल पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम गिरफ्तार किए गए शराब तस्कर की तलाश में जुटी है। साथ ही उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जिन्होंने उत्पाद टीम पर हमला किया और आरोपी को छुड़ाने में मदद की।पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटनास्थल से बरामद बाइक और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। जांच के बाद हमले में शामिल लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

लखीसराय में हुई इस घटना ने एक बार फिर शराबबंदी कानून के तहत कार्रवाई कर रही टीमों की सुरक्षा और कानून का डर बनाए रखने की चुनौती को सामने ला दिया है। अब देखना होगा कि पुलिस गिरफ्तार आरोपी को कब तक पकड़ पाती है और उत्पाद टीम पर हमला कर उसे छुड़ाने वाले लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।