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पोल-खोल: एक्शन की सिफारिश हुई RWD कार्यपालक अभियंता पर...और ठेकेदार पर केस दर्ज करा मामले को रफा-दफा करने की कोशिश, E.E. पर मेहरबानी के क्या हैं मायने ?

लखीसराय में ग्रामीण कार्य विभाग (RWD) के कार्यपालक अभियंता द्वारा मास्टिक वर्क का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र जारी करने का मामला सामने आया था. अभियंता ने ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की है।

06-Apr-2026 10:38 AM

By Viveka Nand

Bihar News: फर्जीवाडा करने वाले कार्यपालक अभियंता पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। खुद को बचाने के लिए कार्यपालक अभियंता ने ठेकेदार पर केस दर्ज कराकर कुर्सी बचाने की कोशिश की है.इधऱ, विभाग पिछले तीन-चार महीनों से चुप बैठा है. जबकि पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने फर्जी प्रमाण पत्र देने वाले उक्त कार्यपालक अभियंता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की थी. मास्टिक वर्क सर्टिफिकेट का फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले RWD लखीसराय डिवीजन के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ क्या कार्रवाई हुई, बताने के लिए विभाग के अधिकारी तैयार नहीं. सवाल है कि आखिर यह चुप्पी क्यों..? क्या ऊपरी दबाव की वजह से फर्जीवाड़े के खेल में शामिल अभियंता पर कार्रवाई नहीं हो रही ? 

खुलासे के बाद ठेकेदार पर केस, अभियंता की कुर्सी बचाने की कवायद

दरअसल, पथ निर्माण विभाग ने मास्टिक वर्क के फर्जी सर्टिफिकेट देने के खेल को पकड़ा था. इसके बाद आरडब्लूडी के इंजीनियर इन चीफ से दोषी लखीसराय डिवीजन के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी. हालांकि आरोपी कार्यपालक अभियंता के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है. इधर, आरोपी कार्यपालक अभियंता ने ठेकेदार पर केस दर्ज कर अपनी नौकरी बचाने की जुगत बिठा लिया. मामला लखीसराय ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता से जुड़ा है. पथ निर्माण विभाग ने जब खुलासा किया कि ग्रामीण कार्य विभाग के लखीसराय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने एक कंपनी को मास्टिक वर्क का फर्जी सर्टिफिकेट जारी किया है तो खलबली मच गई. 

कार्यपालक अभियंता का आरोप- वर्क सर्टिफिकेट में टेंपरिंग किया गया  

पथ निर्माण विभाग ने फर्जी प्रमाण पत्र देने वाले लखीसराय आरडब्लूडी डिवीजन के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी. इधर, आरोपी ग्रामीण कार्य प्रमंडल लखीसराय के कार्यपालक अभियंता ने 13 फऱवरी 2026 को मास्टिक वर्क का फर्जी वर्क सर्फिकेट प्राप्त करने वाले ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज करा दिया. लखीसराय जिले के कवैया थाना प्रभारी को दिए आवेदन में कार्यपालक अभियंता आशुतोष कुमार ने कहा कि संवेदक डीके ब्रदर्स ट्रेड के प्रोपराइटर के खिलाफ प्राथमिक की दर्ज की जाए. इस कंपनी के संवेदक पथ निर्माण विभाग की निविदा में भाग लिया था. उक्त निविदा में इनके द्वारा संलग्न किए गए अनुभव प्रमाण पत्र का सत्यापन कराया गया. सत्यापन के दौरान इनके द्वारा निविदा में संलग्न अनुभव प्रमाण पत्र में एक आइटम (बिटुमिनस मास्टिक वर्क) को दिखाया गया है. यह कार्य इनके द्वारा नहीं किया गया है. अन्य प्रमाण पत्र की मात्रा में भी भिन्नता पाई गई है. जिससे स्पष्ट होता है कि इनके द्वारा अनुभव प्रमाण पत्र में टेंपरिंग किया गया है. इनके द्वारा किए गए जालसाजी एवं धोखाधड़ी के कारण विभाग ने संज्ञान लिया है , साथ ही डीके ब्रदर्स ट्रेड के प्रोपराइटर के खिलाफ एफआईआर करने का निर्देश दिया है. ऐसे में इनके खिलाफ कार्रवाई की जाए. कवैया थाना की पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धारा 338, 336 (3) के तहत के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है. 

2025 से 2026 पर आरोपी कार्यपालक अभियंता पर एक्शन नहीं 

 पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख ने 4 दिसंबर 2025 को ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख को पत्र लिखा था. जिसमें लखीसराय ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा था. 4 दिसंबर 2025 से 21 फरवरी 2026 आ गया, पर आरोपी कार्यपालक अभियंता पर कोई एक्शन नहीं हुआ है. एक्शन होगा या नहीं, यह भी बताने को विभाग के अधिकारी तैयार नहीं. सूत्र बताते हैं कि आरड्ब्लूडी लखीसराय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता से सिर्फ स्पष्टीकरण मांग कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया. 

बता दें, पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख द्वारा भेजे गए पत्र में कहा गया था कि ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ने एक ठेकेदार डी.के ब्रदर्स ट्रेड con. को 4 अप्रैल 2025, 16 जनवरी 2025 के अलावे 2022 में भी अलग-अलग प्रकार का अनुभव प्रमाण पत्र जारी किया है. 7 जुलाई 2025 को इन पत्रों का सत्यापन किए जाने के बाद जारी किए  गए अनुभव प्रमाण पत्र भिन्न पाया गया है . ऐसे में आरोपी कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कार्रवाई कर, हमें जानकारी दें.ग्रामीण कार्य विभाग के लखीसराय पथ प्रमंडल के वर्तमान कार्यपालक अभियंता ने एक ठेकेदार को मास्टिक वर्क का फर्जी वर्क सर्टिफिकेट दिया था.  

आरसीडी अभियंता प्रमुख ने मामले से झाड़ा था पल्ला 

1st Bihar/Jharkhand ने 9 जनवरी 2026 को ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख,(जिनके पास पथ निर्माण विभाग ने कार्यवाही से संबंधित पत्र भेजा था) से पूछा गया था. तब उन्होंने कहा था कि पत्र मेरे पास जरूर आया, लेकिन कार्रवाई वो नहीं करते हैं. इसके लिए अलग विंग बना हुआ है. हमने उक्त पत्र को ऊपर में भेज दिया है. आप इस संबंध में ऊपर में पूछिए, वहीं से कार्रवाई से संबंधित जानकारी मिलेगी. हालांकि अभी तक न नीचे से और न ऊपर से कोई एक्शन नहीं लिया गया है. फर्जी प्रमाण पत्र जारी करने वाले कार्यपालक अभियंता आज भी लखीसराय में ठाठ से नौकरी कर रहे हैं. ऐसा लग रहा कि पथ निर्माण विभाग के पत्र को ग्रामीण कार्य विभाग ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया है.

17 नवंबर 2025 को आरसीडी अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में हुई थी बैठक 

बता दें, पथ निर्माण विभाग के अभियंता प्रमुख की अध्यक्षता में 17 नवंबर 2025 को बैठक हुई थी. बैठक में पथ प्रमंडल लखीसराय के अंतर्गत एक सड़क की पुनर्निविदा की तकनीकी बीड़ को लेकर एक परिवाद प्राप्त हुआ था. जिसके बाद यह बैठक की गई . बैठक में एक ठेकेदार डी.के. ब्रदर्स ट्रेड con द्वारा दिए गए अनुभव प्रमाण पत्र की जांच की गई. ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता (लखीसराय) के द्वारा 7 जुलाई 2025 एवं 28 अगस्त 2025 द्वारा भिन्न-भिन्न अनुभव प्रमाण पत्र निर्गत किए गए हैं. इसके लिए कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग लखीसराय के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए अभियंता प्रमुख ग्रामीण कार्य विभाग को भेजने का प्रस्ताव पारित किया गया था.