Bihar News: पथ निर्माण विभाग के एक कार्यपालक अभियंता ने बड़ा खेल किया. ठेकेदार को लाखों रू का लाभ पहुंचाया. अब उक्त इंजीनियर जो वर्तमान में प्रभारी मुख्य अभियंता हैं, उन्हें दंड के रूप में सेवानिवृति तक प्रोन्नति पर रोक लगा दी गई है. 

आरसीडी कार्यपालक अभियंता ने किया बड़ा खेल 

लखीसराय पथ प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता संजय कुमार भारती वर्तमान में प्रभारी मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ दक्षिण उपभाग में पदस्थापित हैं. लखीसराय में पदस्थापन अवधि में बरती गयी अनियमितता को लेकर आरोप-पत्र गठित किया गया. इसके बाद 16 जनवरी को आरोपी अभियंता से लिखित अभिकथन की मांग की गयी। भारती के खिलाफ  विरूद्ध गठित आरोप है कि IRQP Cum Output & Performance based road asset maintenance of Jamalpur-Dharhara-Kajra Road (From Piribazar to Basauni) Length 7.55 km for the year 2015-16 के कार्यों का DLP की अवधि के समाप्ति के पहले Price Escalation गणना / समायोजन किये बिना SD राशि का लाखों रू का भुगतान किया गया. आरोप है कि कार्यपालक अभियंता ने SD Refund की राशि  3969616, 5136116 और 2803116 रू वापस किया है.  

कार्यपालक अभियंता के खिलाफ आरोप साबित हो गए 

लखीसराय पथ प्रमंडल के तत्कालीन कार्यपालक अभियंता संजय कुमार भारती ने जवाब दिया है कि इस मामले में संवेदक को जो अधिक राशि रुपये कर 39,69,616/- का भुगतान हुआ था, वो राशि 29 दिसंबर 2025 को कार्यपालक अभियंता, लखीसराय को वापस कर दी गई है. राशि वापस हो जाने के बाद कोई वित्तीय क्षति का मामला नहीं बनता है। भारती के बचाव बयान की समीक्षा किया गया। उन्होंने यह तर्क दिया है कि 50 प्रतिशत रिफन्ड का उल्लेख तदेन कार्यपालक अभियता द्वारा रोकड़पंजी में नहीं किया गया था. साथ ही उन्होंने यह भी अंकित किया है कि इसे Cash Book में घेरकर Refunded अंकित नहीं किया गया, जिससे अगली बार के Refund में विरोधाभाष हुआ। 

सेवानिवृति तक नहीं मिलेगा प्रमोशन 

पथ निर्माण विभाग ने समीक्षा के बाद प्रमाणित पाये गये आरोप के लिए संजय कुमार तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल लखीसराय, वर्तमान पदस्थापन प्रभारी मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ दक्षिण उपभाग के खिलाफ बिहार सरकारी सेवक नियमावली-2005 के तहत इनकी सेवानिवृति की तिथि तक पर रोक का दण्ड अधिरोपित किया गया.