LAKHISARAI: 17 अगस्त को लखीसराय के अशोकधाम में तीसरी सोमवारी के दिन हुई भगदड़ में 8 महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गयी थी। जिसके बाद प्रशासिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई। इस घटना के बाद अब सावन की अंतिम सोमवारी एवं श्रावण पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धालुओं की भारी संख्या में अशोकधाम आगमन की संभावनाओं को देखते हुए विधि व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आकस्मिक परिस्थियों में त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर बिहार प्रशासनिक सेवा के 10 पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति लखीसराय समाहरणालय में की गयी है।
23 से 24 अगस्त एवं 27 से 28 अगस्त 2026 तक के लिए पदाधिकारियों को लखीसराय भेजा गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसे लेकर आदेश जारी किया है। गया के अपर समाहर्ता कुमार पंकज, रविशंकर शर्मा, गया के जिला पंचायत राज पदाधिकारी आदित्य कुमार, गया के वरीय उप समाहर्ता अंकुर कुमार, समस्तीपुर के जिला आपूर्ति पदाधिकारी अली एकराम, समस्तीपुर के अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी आलोक कुमार, समस्तीपुर के वरीय उप समाहर्ता धर्मराज, अंजलि कुमारी, वैशाली के अपर समाहर्ता राम दुलार राम और वैशाली के वरीय उप समाहर्ता तारिक रजा को लखीसराय समाहरणालय में प्रतिनियुक्त किया गया है। सभी प्रतिनियुक्त पदाधिकारी को कहा गया है कि वो 23 अगस्त को लखीसराय समाहरणालय में अपना योगदान देकर जिला पदाधिकारी लखीसराय के निर्देशानुसार कार्य करेंगे और कार्य समाप्ति के बाद स्वत: अपने पदस्थापन वाले पद पर योगदान कर लेंगे। सरकार के अवर सचिव सिद्धेश्वर चौधरी ने इस आदेश को जारी किया है।
बता दें कि 17 अगस्त तीसरी सोमवारी के दिन सुबह में अशोक धाम में जलाभिषेक के लिए उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच दक्षिणी प्रवेश द्वार और रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले संकरे मार्ग पर अचानक अफरातफरी मच गई थी। इसी दौरान एक बिजली का पोल झुकने और तारों से निकली चिंगारी के बाद 'करंट फैलने' की अफवाह तेजी से फैल गई। इसके चलते मची भगदड़ में कुल 27 श्रद्धालु नीचे गिरकर बुरी तरह घायल हो गए थे। वही मची भगदड़ में 8 महिलाओं की दर्दनाक मौत हो गयी थी।