Bihar Railway Project: सीमांचल क्षेत्र की बहुप्रतीक्षित ठाकुरगंज-चतरहाट नई रेल लाइन परियोजना को लेकर बड़ी प्रगति हुई है। रेलवे ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) शुरू कर दिया है। सर्वे शुरू होने के साथ ही क्षेत्र के लोगों में वर्षों पुरानी रेल संपर्क की उम्मीद एक बार फिर जाग गई है। परियोजना पूरी होने के बाद बिहार के सीमावर्ती इलाकों और पश्चिम बंगाल के बीच रेल संपर्क पहले से अधिक मजबूत होगा।
प्रारंभिक सर्वे के अनुसार प्रस्तावित रेल लाइन ठाकुरगंज रेलवे स्टेशन से उत्तर दिशा में गलगलिया की ओर बढ़ेगी। इसके बाद जमनीगुड़ी गांव के समीप पूर्व दिशा की ओर मुड़ते हुए माल बस्ती और पीकू पब्लिक स्कूल के बीच से होकर राष्ट्रीय राजमार्ग-327ई (NH-327E) को पार करेगी।
आगे यह रेलमार्ग नेजागछ, बोड़ो बंगला, छैतनगुड़ी, जोगी टोला, थापोडांगी, डुमरी डांगी, डहुआडागी और पतला भाषा समेत कई गांवों से होकर गुजरेगा। पतला भाषा घाट के समीप प्रस्तावित रेलवे पुल के माध्यम से चेंगा नदी पार करने के बाद रेल लाइन मेजबान गाछ के पास पश्चिम बंगाल की सीमा में प्रवेश करेगी और वहां से चतरहाट तक पहुंचेगी।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह फिलहाल प्रारंभिक सर्वे के आधार पर प्रस्तावित रूट है। अंतिम रेल अलाइनमेंट का निर्धारण फाइनल लोकेशन सर्वे पूरा होने के बाद तकनीकी और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर प्रस्तावित मार्ग में बदलाव भी संभव है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि नई रेल लाइन बनने से सीमांचल क्षेत्र के हजारों लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। इससे व्यापार, कृषि, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही बिहार-पश्चिम बंगाल और भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को भी मजबूती मिलेगी।
रेलवे द्वारा सर्वे कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। सर्वे रिपोर्ट तैयार होने के बाद परियोजना की विस्तृत योजना, लागत, भूमि अधिग्रहण और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। यदि सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी होती हैं, तो आने वाले वर्षों में सीमांचल को नई रेल लाइन की सौगात मिल सकती है।