Bihar News: बिहार में सड़क टूटना और पुलों का क्षतिग्रस्त होना अब कोई नई बात नहीं रह गई है. कभी रातों-रात सड़क पानी में बह जाती है तो कभी कुछ महीने पहले बना पुल जवाब दे देता है. बिहार में कई बार ऐसा लगता है जैसे नई बनी सड़कें भी घर आए दो-चार दिन के मेहमान की तरह होती हैं, जो ज्यादा दिनों तक टिक नहीं पातीं.
ताजा मामला किशनगंज जिले से सामने आया है, जहां बहादुरगंज-ठाकुरगंज मुख्य मार्ग NH-327E का सर्विस रोड महज एक रात की बारिश में धंस गया. जीरनगाछ टोल प्लाजा से पहले मंगली चौक के पास हाईवे के सर्विस रोड पर अचानक गहरी दरारें पड़ गईं और सड़क का बड़ा हिस्सा नीचे बैठ गया. सड़क की यह हालत देखकर वाहन चालकों में डर का माहौल है.
स्थानीय लोगों के अनुसार बारिश के बाद सुबह जब लोगों की नजर सड़क पर पड़ी तो वहां बड़ा गड्ढा बन चुका था. सड़क के बीचों-बीच आई दरारें साफ दिखाई दे रही थीं. लोगों का कहना है कि अगर रात के समय कोई तेज रफ्तार वाहन इस जगह से गुजरता तो बड़ा हादसा हो सकता था.
सबसे हैरानी की बात यह रही कि सड़क धंसने के कई घंटे बाद तक मौके पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया और न ही बैरिकेडिंग की गई. रात के अंधेरे में यह स्थिति दोपहिया और छोटे वाहनों के लिए गंभीर खतरा बन सकती थी. इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों ने खुद आगे बढ़कर सड़क के पास ईंट-पत्थर रखकर राहगीरों को खतरे से बचाने की कोशिश की.
सड़क धंसने की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं. ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनाई गई यह सड़क महज दो-तीन साल में ही खराब होने लगी है. एक रात की बारिश में हाईवे का इस तरह धंस जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है.
लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि बिहार में सड़क और पुलों की हालत कई बार ऐसी हो जाती है जैसे कोई रिश्तेदार घर पर सिर्फ दो-चार दिन रहने के लिए आया हो. जिस तरह मेहमान ज्यादा दिन तक नहीं टिकता, उसी तरह कई सरकारी निर्माण भी कुछ ही समय में अपनी मजबूती खो देते हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि अगर निर्माण में सही सामग्री और मानकों का इस्तेमाल हुआ होता तो इतनी जल्दी यह स्थिति नहीं आती.
NH-327E का यह मार्ग ठाकुरगंज, पौआखाली और बहादुरगंज जैसे महत्वपूर्ण इलाकों को जोड़ता है. रोजाना इस रास्ते से बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं. सर्विस रोड के धंसने से अब मुख्य हाईवे पर वाहनों का दबाव बढ़ गया है, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है.
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है. जिलाधिकारी विशाल राज ने बताया कि सड़क धंसने की सूचना मिली है और इसकी जांच कराई जाएगी. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल NHAI की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन इस घटना ने एक बार फिर बिहार में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.