Bihar police recruitment scam: बिहार में मद्यनिषेध पुलिस सिपाही भर्ती में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे बड़े फर्जीवाड़े का कटिहार पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस ने भर्ती में सेटिंग कराने का दावा कर लाखों रुपये वसूलने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से 50 से अधिक अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, एडमिट कार्ड, 18 हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक, स्टांप पेपर, छह कारतूस, दो मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की गई है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पूर्णिया जिले के टिक्कापट्टी थाना क्षेत्र के सपहा निवासी सोनू कुमार और पुरानी नंदगोला निवासी साहिल कुमार के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार दोनों भर्ती के नाम पर अभ्यर्थियों से मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह से जुड़े हैं.
एसपी परिचय कुमार ने बताया कि विशेष अभियान के दौरान कुरसेला थाना पुलिस बल्थी महेशपुर इलाके में वाहन जांच कर रही थी. इसी दौरान एक ग्लैमर बाइक पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर भागने लगे. शक होने पर पुलिस ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया. तलाशी के दौरान उनके पास से बड़ी संख्या में दस्तावेज और अन्य सामान बरामद हुआ.
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पटना निवासी सुजीत, पूर्णिया निवासी मिथुन कुमार और संजय कुमार के साथ मिलकर यह गिरोह चला रहे थे. गिरोह अभ्यर्थियों को अंतिम चयन का भरोसा देकर प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये की मांग करता था. पुलिस की छापेमारी में साहिल कुमार के घर से वर्ष 2024 की सिपाही भर्ती के 26 अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी बरामद किए गए हैं.
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह अभ्यर्थियों से स्टांप पेपर पर लिखवाता था कि उनकी भर्ती फर्जी तरीके से कराई जा रही है. पुलिस का मानना है कि ऐसा बाद में उन्हें डराने या दबाव बनाने के लिए किया जाता था. जांच के दौरान कुछ यूपीआई लेनदेन के सबूत भी मिले हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है.
एसपी ने बताया कि गिरोह अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा में सिर्फ 20 से 25 सवाल हल करने की सलाह देता था और बाकी चयन अपनी कथित सेटिंग से कराने का दावा करता था. फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने कितने अभ्यर्थियों से पैसे लिए और क्या किसी की अवैध तरीके से भर्ती भी कराई गई.