बंगाल चुनाव से पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव, बिहार दिवस पर बिहारी वोटर्स को लुभाने की कोशिश मधुबनी में 38 लाख की कर चोरी, वाणिज्यकर विभाग की रेड में खुलासा, 15 लाख रुपये तत्काल डिपोजिट Bihar Diwas:पटना के गांधी मैदान में बिहार दिवस कार्यक्रम का आयोजन कल, डीएम ने तैयारियों का लिया जायजा बिहार में आंधी-बारिश का कहर, 6 की मौत, 10 लोग घायल, ओलावृष्टि से फसलें भी बर्बाद बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश बिहार में लू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में डेडिकेटेड वार्ड की व्यवस्था करने के निर्देश समस्तीपुर में हेरोइन तस्कर गिरोह का पर्दाफाश, महिला समेत दो गिरफ्तार बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच बिहार में गाड़ियों की फिटनेस टेस्ट पर सख्ती, ATS केंद्रों पर कैमरे की निगरानी में होगी जांच पटना में पूर्वज स्मृति समारोह का आयोजन: समाज को सशक्त बनाने के लिए पूर्वजों के आदर्शों को जीवन में उतारने का लिया संकल्प
03-Feb-2025 05:58 PM
By First Bihar
Bihar News: कटिहार में एक दर्दनाक हादसे में 42 वर्षीय शिक्षक की मौत हो गई। शिक्षक रविवार की शाम इंटरसिटी एक्सप्रेस पर सवार होकर अपने घर बारसोई लौट रहे थे, तभी चलती ट्रेन से उतरने के दौरान पोल से टकरा गए और उनकी जान चली गई। इस घटना के बाद शिक्षक के परिजनों में कोहराम मच गया है।
मृतक शिक्षक की पहचान बारसोई के काजी टोला निवासी तबरेज अंजुम के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि तबरेज कोढ़ा प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय नक्कीपुर में तैनात थे और कटिहार के बुद्धू चौक में रहते थे। रविवार की शाम वह बालूरघाट से इंटरसिटी एक्सप्रेस पर सवार होकर बारसोई जा रहे थे।
कुमेदपुर स्टेशन के पास ट्रेन का ठहराव नहीं होने के कारण वह चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश करने लगे। ट्रेन की रफ्तार कम थी लेकिन उतरने के दौरान वह ट्रैक के बगल में स्थित पोल से टकराकर ट्रेन की चपेट में आ गए। इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
इस घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। बताया जा रहा है कि शिक्षक काफी मिलनसार थे और अपने काम के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहते थे।