KATIHAR: कटिहार सदर अस्पताल में इलाज के दौरान न्यायिक हिरासत में एक बंदी की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कोलासी मुख्य सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान कोलासी मतवा टोला निवासी 36 वर्षीय बाबू लाल मुंडा के रूप में हुई है। पिता की मौत की खबर से तीनों बेटियां काफी सदमें में है, वही परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है।
परिजनों के अनुसार, बाबू लाल मुंडा को उत्पाद विभाग ने गुरुवार को 5 लीटर देसी शराब बेचने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। परिजनों का दावा है कि गिरफ्तारी के समय उन्होंने अधिकारियों को बाबू लाल की खराब स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी दी थी और जेल नहीं भेजने का आग्रह किया था, लेकिन उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार शाम जेल में बाबू लाल की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इसके बाद जेल प्रशासन ने परिजनों को सूचना दी और रात करीब 9 बजे उन्हें इलाज के लिए कटिहार सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान सोमवार सुबह करीब 4 बजे उनकी मौत हो गई।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में भी बाबू लाल लगातार अपनी तबीयत खराब होने की शिकायत करते रहे, लेकिन उन्हें समय पर समुचित इलाज नहीं मिला। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें चुप रहने के लिए डराया-धमकाया जाता था। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
परिजनों का कहना है कि बाबू लाल को स्वस्थ अवस्था में घर से ले जाया गया था और उनकी मौत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। फिलहाल इस मामले में जेल प्रशासन और उत्पाद विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं।