KATIHAR: कटिहार जिले में भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) शशांक बर्णवाल के कामकाज पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि DCLR कार्यालय में नियमों और कानूनी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर एकतरफा आदेश पारित किए जा रहे हैं। प्राणपुर, कोढ़ा, कुरसेला सहित जिले के विभिन्न इलाकों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहाँ रिश्वत न देने पर पक्षकारों के खिलाफ मनमाने फैसले सुनाए जाने की बात कही जा रही है। दर्जनों पीड़ित परिवारों और महिलाओं ने कटिहार जिला के प्रभारी मंत्री डॉ प्रमोद कुमार चंद्रवंशी से इस संबंध में शिकायत की और कार्रवाई की मांग की। पीड़ित महिलाओं की बातें सुनकर प्रभारी मंत्री भी हैरान रह गये। उन्होंने महिलाओं को कार्रवाई का भरोसा जताया।
केस संख्या 1075/2024-25: अनुपस्थित पक्षकार के हक में फैसला
पहला मामला बासगीत पर्चा भूमि से जुड़ा है (केस नंबर 1075/2024-25)। आरोप है कि इस मामले में 1 लाख का रिश्वत न देने पर अपीलकर्ता द्वारा प्रस्तुत अपने और पिता के नाम पर जारी बंदोबस्त पर्चे की सत्यता की कोई निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई। इतना ही नहीं, जिस पक्ष के हक में आदेश पारित किया गया, वह व्यक्ति 20 नवंबर 2025 से प्रक्रिया में अनुपस्थित चल रहा था। इसके बावजूद नियमों के विपरीत जाकर फैसले को उसके पक्ष में सुना दिया गया।
केस संख्या 447/2024-25 (कुरसेला): गैर-साक्ष्य आधार पर आदेश
कुरसेला का एक अन्य मामला सामने आया है (केस नंबर 447/2024-25), जहाँ केवल एक ही बहस के बाद अंतिम आदेश पारित कर दिया गया। आरोप है कि इस आदेश में किसी भी ठोस या वैध साक्ष्य का उल्लेख नहीं है, जो प्रक्रियात्मक नियमों का सीधा उल्लंघन है।
केस संख्या 1099/2024-25 (कोढ़ा): 100 वर्ष पुराने आदिवासी आवास पर बेदखली का खतरा
सबसे गंभीर मामला कोढ़ा प्रखंड का है (केस नंबर 1099/2024-25)। यहाँ लगभग 100 वर्षों से घर बनाकर रह रहे आदिवासी समाज के लोगों के प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों की जमीन का विवाद है। आरोप है कि DCLR कार्यालय द्वारा रिश्वत की मांग की गई और मना करने पर स्थानीय अंचल अधिकारी (CO) की रिपोर्ट को भी दरकिनार कर दिया गया। इसके बाद आदिवासियों को उनकी जमीन से बेदखल करने का एकतरफा प्रयास किया जा रहा है।
पीएमओ तक पहुंची शिकायत, कार्रवाई का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़ितों और स्थानीय नागरिकों ने प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पीएमओ से पत्र आने के बाद भी अब तक कटिहार DCLR शशांक बर्णवाल के खिलाफ कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।वहीं इस मामले मे अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ित परिवार इस मामले को लेकर कटिहार जिला के प्रभारी मंत्री डॉ प्रमोद कुमार चंद्रवंशी से दर्जनो पीड़ित परिवार ने सर्किट हाउस कटिहार में मुलाकात कर आवेदन पत्र देकर भ्रष्ट डीसीएलआर पर कार्रवाई की मांग की है..वही पीड़ित परिवारों की बातों को सुनने के बाद प्रभारी मंत्री ने कार्रवाई का भरोसा जताया है। अब देखने वाली बात होगी कि इस मामले में मंत्री प्रमोद चंद्रवंशी क्या कार्रवाई करते हैं? शिकायतकर्ताओं की नजर अब उन्ही पर टिकी हुई है।