KATIHAR: कटिहार जिले के आजमनगर अंचल कार्यालय में मंगलवार को आर्थिक अपराध इकाई (EOU),पटना की टीम द्वारा की गई अचानक जांच से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। जमीन से जुड़े मामलों में कथित अनियमितता, फर्जी जमाबंदी, अवैध दाखिल-खारिज और दाखिल-खारिज रद्द करने संबंधी शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई।


सूत्रों के अनुसार आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने अंचल कार्यालय पहुंचकर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों और अभिलेखों की गहन जांच की। विशेष रूप से पिछले कुछ वर्षों में किए गए जमाबंदी, भूमि हस्तांतरण, दाखिल-खारिज, रसीद निर्गत करने और दाखिल-खारिज रद्द करने से संबंधित मामलों की फाइलों को खंगाला गया। जांच के दौरान कई दस्तावेजों में अनियमितता की आशंका जताई गई है। टीम ने कुछ महत्वपूर्ण अभिलेखों, रजिस्टरों और संदिग्ध दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है ताकि आगे की जांच निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से की जा सके।


कर्मचारियों और अधिकारियों से पूछताछ

आर्थिक अपराध इकाई की टीम ने जांच के दौरान अंचल कार्यालय के कई कर्मचारियों से पूछताछ की तथा आवश्यक जानकारी जुटाई। वहीं अंचलाधिकारी से भी बंद कमरे में लंबी पूछताछ किए जाने की सूचना है। हालांकि जांच एजेंसी ने फिलहाल किसी प्रकार की आधिकारिक टिप्पणी करने से परहेज किया है।


लंबे समय से मिल रही थीं शिकायतें

स्थानीय लोगों का कहना है कि अंचल कार्यालय में लंबे समय से जमीन संबंधी मामलों में गड़बड़ी की शिकायतें सामने आ रही थीं। ग्रामीणों का आरोप था कि बिना पर्याप्त जांच के फर्जी तरीके से जमाबंदी कायम की जा रही थी तथा कथित रूप से अवैध लेन-देन के माध्यम से जमीन का दाखिल-खारिज किया जा रहा था। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आर्थिक अपराध इकाई ने जांच शुरू की है। छापेमारी के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल गर्म है और लोग इस कार्रवाई को जमीन से जुड़े कथित घोटालों की जांच में महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।


शिकायतकर्ता ने जताया न्याय मिलने का भरोसा

स्थानीय निवासी शिव अग्रवाल ने बताया कि उनकी जमीन के हस्तांतरण से जुड़े कई मामलों (वाद संख्या 4170/25-26, 4171/25-26, 4202/25-26, 4203/25-26, 7025/25-26 एवं 8124/25-26) का दाखिल-खारिज रद्द कर दिया गया था। इस संबंध में उन्होंने राजस्व मंत्री को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने कहा कि आर्थिक अपराध इकाई द्वारा मामले की जांच शुरू किए जाने से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है और उन्हें जांच एजेंसी पर पूरा भरोसा है।


वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी रिपोर्ट

आर्थिक अपराध इकाई के डीएसपी राकेश कुमार ने बताया कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से जुड़े मामलों की जांच के लिए टीम गठित की गई है। जांच के दौरान जुटाए गए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर वरीय अधिकारियों को सौंप दी जाएगी। फिलहाल आर्थिक अपराध इकाई द्वारा जुटाए गए दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है। अधिकारियों का मानना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले में कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।