KATIHAR: दिल वाले दुल्हनिया ले जाएंगे…" ये सिर्फ फिल्म का डायलॉग नहीं, बल्कि हकीकत बन गया पीरपैंती के देवमुनी कुमार के लिए, जिन्होंने गंगा की उफनती लहरों को चीरते हुए अपनी दुल्हन बंदना कुमारी को बारात लेकर ब्याह कर ही लिया। और बुधवार को  05 बाजे नाव से मनिहारी घाट से अपने दुल्हन को लेकर भागलपुर के लिए रवाना हो गया।


भागलपुर और कटिहार जिलों के बीच बाढ़ से हालात बेकाबू हैं। मनिहारी-साहेबगंज जहाज सेवा बंद, रास्ते जलमग्न और सड़कें क्षतिग्रस्त। लेकिन देवमुनी ने हार नहीं मानी। पैदल चले, ई-रिक्शा लिया और फिर नाव से जान हथेली पर रखकर गंगा पार की। गांववालों की आंखें तब भर आईं, जब तेज लहरों के बीच सज-धजकर बारात नाव से उतरी।


चौधरी टोला में जब ढोल-नगाड़ों और तालियों के बीच देवमुनी ने सात फेरे लिए, तो हर किसी ने कहा – "ये कोई आम शादी नहीं, ये हिम्मत और मोहब्बत की मिसाल है।"बाढ़ में भी रुकी नहीं ये बारात, क्योंकि असली दिलवाले कभी हार नहीं मानते। देवमुनी की ये शादी साबित करती है – जब इरादा सच्चा हो, तो नाव भी डोली बन जाती है।