BIHAR NEWS : कैमूर जिले के मोहनिया थाना क्षेत्र के स्टुवरगंज मोहल्ले में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया। जुलूस देखने के लिए घर की छत पर खड़े एक युवक और उसकी भतीजी अचानक पटाखे या किसी विस्फोटक वस्तु की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और परिजन आनन-फानन में दोनों को इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे।
घायलों की पहचान मोहनिया निवासी कुंदन कुमार और उनकी भतीजी मुस्कान के रूप में हुई है। दोनों अपने घर की छत पर खड़े होकर नीचे से गुजर रहे मोहर्रम जुलूस को देख रहे थे। इसी दौरान जुलूस की भीड़ की ओर से छोड़ा गया पटाखा या कोई विस्फोटक वस्तु ऊपर जाकर सीधे दोनों के चेहरे से टकरा गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका नहीं मिला। विस्फोटक वस्तु के चेहरे पर लगते ही कुंदन कुमार गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए। वहीं, मुस्कान भी चोटिल हो गई। घटना के बाद परिवार के सदस्यों में चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल अनुमंडल अस्पताल मोहनिया ले जाया गया।
परिजनों ने बताया कि दोनों लोग केवल जुलूस देखने के लिए छत पर खड़े थे। इसी दौरान नीचे से छोड़ी गई आतिशबाजी उनकी ओर आ गई और सीधे चेहरे पर लग गई। हादसे के बाद काफी मात्रा में खून बहने लगा, जिससे परिवार के लोग घबरा गए।
अनुमंडल अस्पताल के चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बताया कि दोनों घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं। हालांकि मुस्कान की दाहिनी आंख की ऊपरी पलक गंभीर रूप से प्रभावित हुई है। बेहतर जांच और इलाज के लिए उसे नेत्र विशेषज्ञ के पास भेजा गया है। वहीं कुंदन कुमार के ऊपरी होंठ और गाल पर गहरी चोट लगी है। चिकित्सकों ने एक्सरे और आगे के उपचार के लिए उन्हें भभुआ सदर अस्पताल रेफर कर दिया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों घायलों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस भी सक्रिय हो गई। मोहनिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी गोपाल कृष्ण ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जुलूस के दौरान छोड़े गए पटाखे या आतिशबाजी की वजह से हादसा होने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि दोनों घायल फिलहाल खतरे से बाहर हैं और पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। एसडीपीओ ने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किसके द्वारा पटाखा छोड़ा गया था और हादसे की वास्तविक वजह क्या थी। जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी जुलूस के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों और जुलूसों के दौरान आतिशबाजी पर नियंत्रण और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। फिलहाल दोनों घायलों का इलाज जारी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।