KAIMUR: कैमूर के भभुआ प्रखंड की डिहरा पंचायत में सोख्ता गड्ढा निर्माण में बड़े घोटाले का आरोप लगा है। ग्रामीणों ने बिना जियो-टैगिंग 84 लाख रुपये की निकासी और जमीन से ऊपर सोख्ता गड्ढे बनाने का आरोप लगाया है। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।


कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड की डिहरा पंचायत में विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सेमरिया गांव में जमीन से करीब तीन फीट ऊपर बनाए गए सोख्ता गड्ढों को लेकर ग्रामीणों ने 84 लाख रुपये की हेराफेरी और बिना जियो-टैगिंग राशि निकासी का आरोप लगाया है। मामले को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई है।


सोखता का वीडियो फोटो देख इंजीनियर का भी माथा थनक जाएगा। भभुआ के डिहरा पंचायत में बिना जियो-टैगिंग के राशि निकालने और घटिया निर्माण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। कैमूर जिले के भभुआ प्रखंड अंतर्गत डिहरा पंचायत के सेमरिया गाँव में विकास कार्यों के नाम पर एक अजीबोगरीब घोटाला सामने आया है। यहाँ बिना किसी जल-जमाव की स्थिति के, नियमों को ताक पर रख कर ऐसे सोख्ता गड्ढों का निर्माण किया जा रहा है जो जमीन से लगभग 3 फीट ऊपर हैं।


स्थानीय वार्ड सदस्य विनोद यादव और पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि कमलेश सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रखंड में करीब 84 लाख रुपये की राशि बिना योजना पूरी किए और बिना सही जियो-टैगिंग के ही अग्रिम रूप से निकाल ली गई। जब इस मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों से की गई, तो आनन-फानन में अपने फर्जीवाड़े को छिपाने के लिए प्रशासन और मुखिया की मिलीभगत से कागजी खानापूर्ति करने के लिए ये सोख्ता गड्ढे जमीन के ऊपर ही बना दिए गए, जिनमें पानी जाने का कोई साधन ही नहीं है।


ग्रामीणों का आरोप है कि इस योजना का प्राकलन ₹35,000 प्रति सोख्ता था, लेकिन धरातल पर यह मुश्किल से 500 ईंटों में तैयार कर दिया गया है।  वहीं, दूसरी तरफ ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि 439 सोख्ता गड्ढों के लक्ष्य के सापेक्ष निर्माण कार्य कराया जा रहा है और किसी भी प्रकार की अग्रिम अवैध निकासी नहीं हुई है। मामले की निष्पक्ष जाँच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। लेकिन धरातल की तस्वीरें चीख-चीख कर भ्रष्टाचार की गवाही दे रही हैं।