KAIMUR: घरेलू उपभोक्ताओं को हर माह 125 यूनिट बिजली सरकार मुफ्त दे रही है। इसके बावजूद लोग बिजली चोरी करने से बाज नहीं आ रहे हैं। बिजली चोरी के खिलाफ विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मीटर में छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करने वाले 250 लोगों के खिलाफ विद्युत विभाग ने केस दर्ज कराया है। वही 350 बड़े बिजली बिल बकाएदारों का लाइन काट दिया गया है।
बिहार सरकार द्वारा घरेलू उपभोक्ताओं को हर माह 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने की योजना के बावजूद बिजली चोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसे रोकने के लिए विद्युत विभाग ने जिले में विशेष अभियान चलाकर बड़ी कार्रवाई की है। अभियान के तहत बिजली चोरी और मीटर से छेड़छाड़ करने वाले 250 उपभोक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है, जबकि भारी बकाया रखने वाले 350 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए हैं।
सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना का उद्देश्य गरीब, निम्न आय वर्ग और मध्यम वर्गीय परिवारों को बिजली बिल के आर्थिक बोझ से राहत देना है। इसके बावजूद कुछ उपभोक्ता अवैध रूप से बिजली का उपयोग कर रहे हैं, जिससे विभाग को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
बिजली चोरी और बकाया वसूली के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान विभागीय टीमों ने कई क्षेत्रों में जांच की। जांच में मीटर से छेड़छाड़, बिजली की गलत खपत दिखाने और अवैध कनेक्शन के जरिए बिजली उपयोग करने के मामले सामने आए। इसके बाद संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
कनीय विद्युत अभियंता रमाकांत सिंह ने बताया कि 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना का लाभ लाखों घरेलू उपभोक्ताओं को मिल रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर अवैध तरीके से बिजली का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने बताया कि विभाग की टीमें नियमित रूप से विभिन्न क्षेत्रों में जांच अभियान चला रही हैं। जांच के दौरान मीटर की स्थिति, बिजली खपत के रिकॉर्ड और अवैध कनेक्शनों की पड़ताल की जाती है। जहां भी बिजली चोरी या किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, वहां संबंधित उपभोक्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है। रमाकांत सिंह ने स्पष्ट किया कि बिजली चोरी रोकने और राजस्व की सुरक्षा के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। विभाग ने उपभोक्ताओं से नियमों का पालन करने और वैध तरीके से बिजली उपयोग करने की अपील की है।