मोहनिया: कैमूर जिले के मोहनिया स्थित बाजार समिति परिसर में संचालित बिस्कोमान भवन इन दिनों अव्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही का केंद्र बना हुआ है। यूरिया और डीएपी खाद की खरीद के लिए सैकड़ों किसान सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद किसानों के लिए न तो पेयजल की व्यवस्था की गई है और न ही धूप से बचाव के लिए किसी शेड या टेंट की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब बिस्कोमान परिसर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने लगा। वायरल वीडियो में खाद वितरण की व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारी किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त नजर आए। इससे घंटों से लाइन में खड़े किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मोहनिया की एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी स्वयं बिस्कोमान भवन पहुंचीं और वहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने बताया कि उन्हें घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है, जबकि गर्मी और उमस के कारण कई लोगों की तबीयत भी बिगड़ रही है। इसके बावजूद खाद विक्रेताओं का रवैया उदासीन बना हुआ है।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने खाद वितरण व्यवस्था में बरती जा रही लापरवाही पर नाराजगी जताई। उन्होंने किसानों के बयानों और मौके की स्थिति के आधार पर खाद विक्रेता की मनमानी को गंभीर मामला बताते हुए कहा कि किसानों के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एसडीएम रत्ना प्रियदर्शनी ने चेतावनी दी कि खाद वितरण में लापरवाही बरतने वाले और किसानों को अनावश्यक परेशान करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही उन्होंने तत्काल टोकन सिस्टम लागू करने, भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस बल की तैनाती करने तथा किसानों के लिए टेंट और पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।