Bihar Teacher News: बिहार के कैमूर में एक महिला शिक्षिका को एक ही अवधि में B.Ed और MSc की डिग्री हासिल करना भारी पड़ गया. दोनों डिग्रियों के प्रमाण पत्र जांच में सही पाए गए, इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया. मामला एक ही समय में दो नियमित पाठ्यक्रमों से डिग्री हासिल करने से जुड़ा है.
अर्चना कुमारी बिहार लोक सेवा आयोग की TRE-2 परीक्षा के जरिए विद्यालय अध्यापिका बनी थीं. उनकी नियुक्ति कैमूर जिले के चांद प्रखंड स्थित शिवरामपुर उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय में विज्ञान शिक्षिका के पद पर हुई थी. उनके खिलाफ भभुआ निवासी अतुल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी.
शिकायत में कहा गया था कि अर्चना कुमारी ने MSc की पढ़ाई 2019-21 और B.Ed की पढ़ाई 2020-22 में नियमित पाठ्यक्रम के तहत एक साथ की. शिकायतकर्ता ने इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं होने का आरोप लगाया था.
शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की. विभाग की ओर से शिक्षिका से कई बार स्पष्टीकरण और संबंधित दस्तावेज मांगे गए. उन्हें अपना पक्ष रखने का भी मौका दिया गया. हालांकि विभाग ने उनके जवाब को संतोषजनक नहीं माना.
दोनों विश्वविद्यालयों ने डिग्री को सही बताया
जांच के दौरान शिक्षा विभाग ने अर्चना कुमारी की B.Ed और MSc की डिग्रियों का संबंधित विश्वविद्यालयों से सत्यापन कराया. आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी, पटना और वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा की ओर से प्रमाण पत्रों को सही बताया गया.
यानी जांच में दोनों डिग्रियों के प्रमाण पत्र फर्जी नहीं पाए गए. लेकिन जांच में यह जरूर सामने आया कि दोनों डिग्रियां नियमित पाठ्यक्रम के तहत लगभग एक ही अवधि में हासिल की गई थीं.
विभाग ने इसी आधार पर माना कि एक ही समय में दो नियमित पाठ्यक्रमों से डिग्री हासिल करना निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं था. इस मामले में शिक्षिका को अपना पक्ष रखने का एक और मौका दिया गया.
8 सितंबर की सुनवाई में भी जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ विभाग
शिक्षिका की 8 सितंबर को विभागीय सुनवाई हुई. इसमें भी शिक्षा विभाग ने उनके जवाब को संतोषजनक नहीं माना. इसके बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी साकेत रंजन ने बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवा शर्त) नियमावली, 2023 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए कार्रवाई का आदेश जारी किया.
जिला शिक्षा पदाधिकारी के आदेश के बाद अर्चना कुमारी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया. इस मामले में खास बात यह है कि जांच में उनकी दोनों डिग्रियां सही पाई गईं, लेकिन एक ही अवधि में दो नियमित पाठ्यक्रमों से पढ़ाई करने के आधार पर उनकी नौकरी चली गई.