जमुई: आम लोगों को कानून और अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाली पुलिस के अपने ही जवान अगर थाना परिसर में आपस में भिड़ जाएं तो सवाल उठना लाजिमी है। जमुई के झाझा रेल थाना में मंगलवार को कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां ड्यूटी को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों के बीच करीब आधे घंटे तक जमकर बहस, धक्का-मुक्की और हाथापाई हुई।

थाना परिसर में हुए इस हंगामे के बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। झड़प की आवाज सुनकर रेलवे प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों की भीड़ भी थाना के बाहर जुट गई। घटना में चार महिला पुलिसकर्मियों समेत कुल सात पुलिसकर्मी घायल होने की बात सामने आई है।

ड्यूटी को लेकर शुरू हुआ विवाद, फिर बढ़ गई बात

जानकारी के अनुसार, महिला पुलिसकर्मियों का ड्यूटी को लेकर रेल थाना के मुंशी और कुछ पुलिसकर्मियों के साथ एक दिन पहले से विवाद चल रहा था। मंगलवार को महिला जवान इसी शिकायत को लेकर रेल थानाध्यक्ष से मिलने पहुंचीं। इसी दौरान सिपाही राहुल सिंह, अभिषेक कुमार और प्रेमसागर के साथ उनकी बहस शुरू हो गई। आरोप है कि देखते ही देखते बहस ने धक्का-मुक्की का रूप ले लिया और फिर दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई। थाना परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा।

महिला जवानों ने मुंशी पर लगाए गंभीर आरोप

घायल महिला होमगार्ड जवान शिवानी कुमारी समेत अन्य महिला पुलिसकर्मियों ने मुंशी राहुल सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका आरोप है कि ड्यूटी के दौरान हथियार लेकर आने को कहा गया था, जबकि फिलहाल उन्हें हथियार रखने की ड्यूटी नहीं दी गई है और वे लाठी पार्टी में तैनात हैं।

महिला जवानों के मुताबिक, उन्होंने लाठी लेकर ड्यूटी करने की बात कही। आरोप है कि इसके बाद मुंशी की ओर से पिस्टल लेकर चलने को कहा गया। मना करने पर कथित तौर पर गाली-गलौज और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया। विरोध करने पर विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।

'गोली मारने की धमकी' का भी आरोप

मामला उस वक्त और गंभीर हो गया जब महिला पुलिसकर्मियों ने आरोप लगाया कि विवाद के दौरान एक पुलिसकर्मी ने पिस्टल पर हाथ रखते हुए गोली मारने की धमकी दी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर साफ होगी।

चार महिला पुलिसकर्मियों समेत 7 घायल

इस झड़प में महिला कांस्टेबल शिवानी कुमारी, पूजा कुमारी, रानी कुमारी और मुस्कान कुमारी समेत कुल सात पुलिसकर्मी घायल बताए जा रहे हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए झाझा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका उपचार कराया गया।

थाना परिसर में मारपीट ने खड़े किए बड़े सवाल

जिस थाना पर यात्रियों और आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी है, उसी परिसर में पुलिसकर्मियों के बीच मारपीट की घटना ने पुलिस की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह है कि पुलिस विभाग में अनुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है, लेकिन यहां पुलिसकर्मी ही आपस में भिड़ते नजर आए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर ड्यूटी को लेकर ऐसा क्या विवाद हुआ कि मामला थाना परिसर में हाथापाई तक पहुंच गया?

जांच के बाद होगी कार्रवाई

झाझा रेल थानाध्यक्ष मधुसूदन पासवान ने घटना की जानकारी मिलने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिसकर्मियों के बीच हुई इस झड़प को लेकर विभागीय स्तर पर भी जांच की संभावना है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और मारपीट के लिए जिम्मेदार कौन था।