Bihar News: बिहार के जमुई जिले में शिक्षा विभाग ने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है. जिले के जमुई और चकाई प्रखंड के 10 शिक्षकों को विभाग ने नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का आखिरी मौका दिया है.


जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) दयाशंकर ने सभी चिह्नित शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे अपने मूल प्रमाण-पत्रों और नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों के साथ निर्धारित तारीख पर कार्यालय में उपस्थित होकर सफाई दें. अगर कोई शिक्षक तय समय पर उपस्थित नहीं होता है तो विभाग उसके खिलाफ एकतरफा कार्रवाई कर सकता है.


दरअसल, शिक्षा विभाग को शिकायत मिली थी कि कुछ शिक्षकों ने कथित रूप से कूटरचित प्रमाण-पत्र और गलत अभिलेखों के आधार पर सरकारी शिक्षक की नौकरी हासिल की है. शिकायत मिलने के बाद विभाग ने मामले की जांच शुरू की और अब संबंधित शिक्षकों से जवाब मांगा गया है.


जांच के दायरे में जमुई प्रखंड के पांच और चकाई प्रखंड के पांच शिक्षक शामिल हैं. इनमें तीन महिला शिक्षक भी हैं. विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी शिक्षकों को अपनी नियुक्ति से जुड़े सभी मूल दस्तावेज लेकर कार्यालय पहुंचना होगा.


डीईओ कार्यालय के अनुसार, जमुई प्रखंड के चिह्नित शिक्षकों को 18 जून को और चकाई प्रखंड के शिक्षकों को 23 जून को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखना होगा. इस दौरान उनके दस्तावेजों की जांच की जाएगी और आरोपों को लेकर स्पष्टीकरण लिया जाएगा.


शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि अगर कोई शिक्षक इस सुनवाई में शामिल नहीं होता है या अपने पक्ष में कोई जवाब नहीं देता है, तो यह माना जाएगा कि उसे इस मामले में कुछ नहीं कहना है. इसके बाद विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.


इस कार्रवाई के बाद जिले के शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. फर्जी प्रमाण-पत्रों के जरिए नौकरी लेने के आरोपों ने शिक्षक बहाली प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. अब विभाग सभी दस्तावेजों की गहन जांच कर यह पता लगाने में जुटा है कि शिकायतों में कितनी सच्चाई है.


डीईओ दयाशंकर ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी.


जमुई प्रखंड के चिह्नित शिक्षक


चकाई प्रखंड के चिह्नित शिक्षक