Bihar News: जमुई सदर अस्पताल में ड्यूटी के दौरान महिला डॉक्टर के मौजूद नहीं रहने के के कारण महिला और उसके बच्चे की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। परिजनों ने महिला का शव अस्पताल में रखकर हंगामा किया और समय पर इलाज नहीं मिलने का आरोप लगाया।



मृतका की पहचान खैरा थाना क्षेत्र के नरियाना गांव निवासी सुजीत कुमार की 28 वर्षीय पत्नी अनिता कुमारी के रूप में हुई है। मृतका के पति सुजीत कुमार के अनुसार शनिवार देर रात अनिता को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उसे पहले खैरा स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे जमुई सदर अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद रात करीब 11 बजे परिजन अनिता को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। 



परिजनों का आरोप है कि उस समय प्रसव कक्ष में महिला चिकित्सक मौजूद नहीं थीं। स्वास्थ्य कर्मियों ने जांच करने के बाद चिकित्सक के आने की बात कही। परिजनों के मुताबिक, रातभर अनिता की हालत बिगड़ती रही। वे चिकित्सक के आने और बेहतर इलाज मिलने की उम्मीद में अस्पताल में ही परेशान रहे। करीब छह घंटे तक इलाज और चिकित्सकीय हस्तक्षेप की प्रतीक्षा के बाद रविवार सुबह करीब पांच बजे अनिता ने दम तोड़ दिया। 



परिजनों का दावा है कि इसके करीब एक घंटे बाद सुबह छह बजे महिला चिकित्सक डॉ. शालिनी के सदर अस्पताल पहुंचने की बात सामने आई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा। उनका कहना था कि अनिता का यह तीसरा प्रसव था। उसके पहले एक बेटा और एक बेटी है। 



परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक की मौजूदगी और आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिलती तो जच्चा और बच्चा को बचाने की कोशिश की जा सकती थी। हालांकि मौत की वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।



इधर, मामले की जानकारी मिलने के बाद सदर अस्पताल प्रबंधन ने जांच शुरू करने की बात कही है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. थनीष कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिली है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी से महिला डॉक्टर के गायब रहने की पुष्टि होती है तो उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।