JAMUI: जमुई सदर अस्पताल में करीब 5 घंटे के अंतराल में प्रसव के लिए लाई गई दो महिला की मौत हो गयी। इस घटना के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। दोनों घटनाएं खैरा थाना क्षेत्र के प्रखंड इलाके से जुड़ी हैं। एक के बाद एक दो महिला की मौत से लोगों में आक्रोश का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय विधायक सह बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह सदर अस्पताल पहुंचीं और डॉक्टरों को जमकर फटकार लगाई। इसके बाद उन्होंने जिलाधिकारी नवीन कुमार से उनके सरकारी आवास पर मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पहली घटना में खैरा प्रखंड क्षेत्र की एक महिला को प्रसव के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। ऑपरेशन के करीब 14 घंटे बाद रविवार सुबह लगभग 10 बजे प्रसूता की मौत हो गई, जबकि नवजात बेटा सुरक्षित है। परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए सदर अस्पताल के मुख्य द्वार पर शव रखकर हंगामा किया। परिजनों के मुताबिक महिला के पति की करीब चार महीने पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। ऐसे में परिवार पर एक साथ दोहरी मार पड़ी है।
वहीं दूसरी घटना में भी खैरा प्रखंड क्षेत्र की प्रसूता की मौत ने अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रसव के दौरान अस्पताल के प्रसव कक्ष में महिला चिकित्सक की उपलब्धता को लेकर गंभीर स्थिति बनी रही। दोनों घटनाओं को लेकर परिजनों में आक्रोश है और स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल, महज 4-5 घंटे के भीतर दो प्रसूताओं की मौत ने सदर अस्पताल की व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। लिहाजा मामले को लेकर मंत्री श्रेयसी सिंह भी गुस्से में नजर आईं। उन्होंने अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों को फटकार लगाई और साफ कहा कि इस मामले को इतनी जल्द खत्म नहीं होने दिया जाएगा।
मीडिया से बातचीत में मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बहुत बड़ी लापरवाही सामने आई है और इसके रिकॉर्ड सामने हैं। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को लेकर स्वास्थ्य मंत्री से भी मिलेंगी और पूरे मामले को मुख्यमंत्री के संज्ञान में भी देंगी। मंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और स्वास्थ्य मंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक इस मामले को लेकर वह अपनी बात रखेंगी। उन्होंने दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की भी बात कही।
इधर, जिलाधिकारी नवीन कुमार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर दी है। जिला प्रशासन की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, सदर अस्पताल में प्रसव पीड़ा के दौरान भर्ती महिला एवं नवजात शिशु की मृत्यु से जुड़ी खबरों पर जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया है। मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच के लिए उप विकास आयुक्त की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय जांच समिति गठित की गई है।
समिति में सिविल सर्जन, जमुई तथा वरीय उप समाहर्ता सावन कुमार को सदस्य बनाया गया है। जिलाधिकारी ने समिति को पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कर 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। जांच में सामने आने वाले निष्कर्षों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी नवीन कुमार ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है और मंत्री श्रेयसी सिंह भी उनके सरकारी आवास पर पहुंची थीं। मामले की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों और संबंधित कर्मियों की भूमिका की जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।