JAMUI: बिहार के दानापुर रेल मंडल अंतर्गत जमुई रेलवे स्टेशन के यार्ड में बुधवार की अहले सुबह एक बड़ा रेल हादसा टल गया, जब मालगाड़ी के दो खाली वैगन अचानक पटरी से उतर गए। घटना के बाद रेलवे यार्ड में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया और रेलकर्मियों के बीच हलचल तेज हो गई। राहत की बात यह रही कि बेपटरी हुए दोनों वैगन खाली थे, जिससे किसी प्रकार की जनहानि या बड़े नुकसान की नौबत नहीं आई।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया। स्थानीय अधिकारियों के साथ झाझा से तकनीकी विशेषज्ञों की टीम और राहत ट्रेन तत्काल मौके पर पहुंची। दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद बेपटरी हुए वैगनों को दोबारा ट्रैक पर लाने का अभियान शुरू किया गया। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोनों वैगनों के पहियों को सफलतापूर्वक पटरी पर चढ़ा दिया गया और स्थिति को सामान्य कर लिया गया।
रेलकर्मियों के अनुसार यह घटना रेलवे यार्ड के अंदर हुई, इसलिए मुख्य रेलखंड पर ट्रेनों के परिचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। सभी यात्री और मालगाड़ियां अपने निर्धारित समयानुसार संचालित होती रहीं। रेलवे ने प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत और बहाली का कार्य पूरा किया ताकि भविष्य में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
रेलवे प्रशासन ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए इसके कारणों की जांच शुरू कर दी है। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में तकनीकी टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर किन परिस्थितियों में वैगन पटरी से उतरे। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
स्टेशन प्रबंधक नीतीश कुमार ने बताया कि हादसा केवल यार्ड क्षेत्र तक सीमित रहा और मुख्य लाइन पूरी तरह सुरक्षित रही। उन्होंने कहा कि वैगन खाली होने के कारण जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ तथा रेलवे की त्वरित कार्रवाई से स्थिति जल्द ही सामान्य कर ली गई। उन्होंने यात्रियों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और रेलवे के आधिकारिक सूचना तंत्र पर भरोसा रखने की अपील भी की। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे यार्ड में सुरक्षा मानकों और नियमित तकनीकी निरीक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया है। समय रहते राहत एवं बचाव कार्य शुरू होने से संभावित बड़ा हादसा टल गया और रेलवे प्रशासन ने तत्परता का परिचय दिया।