JAMUI:शराबबंदी वाले बिहार में जिनके कंधे पर शराब तस्करी को रोकने की जिम्मदारी दी गयी है, वो ड्यूटी के दौरान कुंभकर्णी नींद में सोते नजर आ रहे हैं। जबकि बंगाल, यूपी, झारखंड और बंगाल से लगातार ट्रेनों के माध्यम से शराब की तस्करी की जाती है, शराब तस्करों को पकड़ने की जगह जमुई स्टेशन पर ड्यूटी में तैनात दारोगा से लेकर पुलिस कर्मी तक सोते नजर आ रहे हैं। ऐसे में शराब की तस्करी पर कैसे रोक लग पाएगी।


जमुई रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। देर रात ड्यूटी के दौरान जीआरपी के पुलिसकर्मियों के सोने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद रेलवे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं।


जानकारी के अनुसार, बीते बुधवार की रात जीआरपी थाने में ऑफिसर ऑन ड्यूटी (ओडी) के रूप में एएसआई पप्पू सहनी और एक महिला पुलिसकर्मी की तैनाती थी। बताया जा रहा है कि देर रात निरीक्षण के दौरान दोनों पुलिसकर्मी थाना परिसर में गहरी नींद में सोते हुए पाए गए। इसी दौरान स्टेशन पर यात्रियों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी रही और प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर वंदे भारत एक्सप्रेस का भी आगमन और प्रस्थान हो गया, लेकिन ड्यूटी पर मौजूद पुलिस कर्मियों की नींद नहीं खुली। यहां तक कि मोबाइल से वीडियो भी बनता रहा लेकिन तब भी दोनों में से किसी की नींद नहीं खुली। 


जमुई रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीआरपी थाना, पुलिस बल और महिला जवानों की तैनाती की गई है। ऐसे में ड्यूटी के समय इस तरह की लापरवाही सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यात्रियों का कहना है कि रात के समय सुरक्षा व्यवस्था और अधिक चौकस रहने की आवश्यकता होती है, क्योंकि इसी समय चोरी, छिनतई और अन्य घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। लेकिन पुलिस बल कही नजर नहीं आते हैं। 


सोते पुलिस वालों की तस्वीरें वायरल होने के बाद यात्रियों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। एक यात्री ने तो यहां तक कह दिया कि पुलिस सहायता काउंटर पर लिखा "May I Help You" अब मजाक जैसा लगने लगा है, क्योंकि यदि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ही सोए रहेंगे तो यात्रियों की मदद कौन करेगा?


ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के सोते हुए वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। मामले पर रेल डीएसपी ने कहा कि वायरल वीडियो और तस्वीरों की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में ड्यूटी के दौरान लापरवाही की पुष्टि होती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विभागीय नियमों के तहत उचित कार्रवाई की जाएगी।