JAMUI: सावन की दूसरी सोमवारी पर प्रसिद्ध पतनेश्वर धाम शिव मंदिर में उस वक्त विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब मंदिर परिसर में ड्यूटी कर रही एक महिला दारोगा के जूते पहनने को लेकर पुजारी, श्रद्धालुओं और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के सदस्यों ने आपत्ति जताई। विरोध बढ़ने पर महिला दारोगा ने जूते उतार दिए और नंगे पैर ड्यूटी करने लगीं।
मिली जानकारी के अनुसार, मलयपुर थाना में पदस्थापित महिला दरोगा ब्यूटी कुमारी सोमवार को पतनेश्वर धाम में विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात थीं। इसी दौरान उनके जूते पहनकर मंदिर परिसर में मौजूद होने की बात सामने आई। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं, वालंटियरों और अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के सदस्यों ने इसे धार्मिक मर्यादा और मंदिर की पवित्रता के विरुद्ध बताते हुए विरोध जताया। कई पुलिस कर्मी भी जूते में नजर आए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध के दौरान मंदिर परिसर में लोगों की भीड़ जुट गई और कई श्रद्धालुओं ने घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद महिला दरोगा ने जूते उतार दिए। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के सदस्य तनुज कुमार सिंह, सत्यम कुमार सिंह, मुकेश कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से सावन के दौरान पतनेश्वर धाम में श्रद्धालुओं की सेवा, साफ-सफाई और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करते हैं। उनका कहना है कि उन्होंने महिला दरोगा से जूते उतारने का आग्रह किया था।
मंदिर के पुजारी राजीव पांडेय ने बताया कि मंदिर की सीढ़ियां शुरू होने से पहले श्रद्धालु जल, बेलपत्र और फूल अर्पित कर सीढ़ियों को प्रणाम करते हैं। उनके अनुसार, सुरक्षा में तैनात कई जवान जूते उतारकर ड्यूटी कर रहे थे। समझाने के बाद संबंधित महिला दरोगा ने भी जूते उतार दिए।
सुरक्षा व्यवस्था में तैनात कृषि विभाग के कर्मी कमलजीत कुमार ने भी बताया कि विवाद के बाद महिला दरोगा ने जूते उतारकर दोबारा ड्यूटी संभाली। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाद में उनके जूते पॉलिथीन में रखकर मंदिर परिसर में ले जाए गए। विवाद की सूचना मिलने पर मलयपुर थानाध्यक्ष शेखर सुमन भी मंदिर पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली।
सावन की दूसरी सोमवारी के अवसर पर पतनेश्वर धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी रही। बताया गया कि करीब पांच हजार श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर चुके थे। मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजता रहा।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े लोगों में नाराजगी देखी जा रही है। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के सदस्यों और अन्य श्रद्धालुओं ने प्रशासन से मंदिर की धार्मिक मर्यादा और आस्था का सम्मान करते हुए उचित कार्रवाई की मांग की है।
इस बीच, कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि संबंधित महिला दरोगा पूर्व में भी विवादों में रह चुकी हैं और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई थी। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस-प्रशासन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।