Bihar News: जमुई के सोनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सड़क हादसे में घायल एक युवक काफी देर तक इलाज के लिए तड़पता रहा, लेकिन अस्पताल में उस समय कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था. मंगलवार सुबह करीब 9:45 बजे घायल युवक को पुलिस अस्पताल लेकर पहुंची थी. डॉक्टर के नहीं मिलने पर परिजन और स्थानीय लोग भड़क गए और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया.


जानकारी के अनुसार, एनएच-333 पर सड़क हादसे में तेरुखा नावाडीह निवासी उमाशंकर कुमार उर्फ मुन्ना ठाकुर और उनकी पत्नी घायल हो गए थे. पुलिस दोनों को इलाज के लिए सोनो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची. घायल युवक को अस्पताल के बरामदे में रखा गया, जहां वह दर्द से कराहता रहा. उसके परिजन इलाज के लिए डॉक्टर का इंतजार करते रहे.


परिजनों का आरोप है कि सुबह करीब 9:45 बजे तक अस्पताल में इमरजेंसी सेवा के लिए भी कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था. ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे अन्य मरीज भी डॉक्टर के आने का इंतजार करते रहे. अस्पताल में मौजूद स्वास्थ्यकर्मी भी डॉक्टर के आने की बात कहते रहे.


काफी देर तक इलाज शुरू नहीं होने पर मरीजों और उनके परिजनों का गुस्सा बढ़ गया. इसके बाद स्थानीय लोगों ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिभूषण चौधरी को फोन कर अस्पताल की स्थिति की जानकारी दी. सूचना मिलने के बाद वे अस्पताल पहुंचे, जिसके बाद घायल युवक का इलाज शुरू किया गया.


सरकारी अस्पतालों में ओपीडी सेवा सुबह 8 बजे से शुरू होने का नियम है. ऐसे में सुबह पौने दस बजे तक डॉक्टर के ड्यूटी पर नहीं पहुंचने को लेकर अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं.


प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशिभूषण चौधरी ने कहा कि सूचना मिलते ही वे अस्पताल पहुंचे और घायल का इलाज शुरू कराया गया.