BIHAR NEWS : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जमुई दौरे से कुछ घंटे पहले जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आने से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है। एक ओर मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा, विकास और सुशासन के दावों को लेकर प्रशासन तैयारियों में जुटा है, वहीं दूसरी ओर खैरा थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय युवती के कथित अपहरण, दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाने और धमकी देने के आरोपों ने कानून-व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।पीड़िता के पिता की लिखित शिकायत पर खैरा थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की गहन पड़ताल की जा रही है।
परिजनों के अनुसार, 21 जून की सुबह करीब 10 बजे युवती गोपालपुर चौक पर सब्जी खरीदने गई थी। आरोप है कि इसी दौरान बाइक सवार शुभम कुमार मोदी और सुमन कुमार मोदी उसे जबरन अपने साथ ले गए। शिकायत में कहा गया है कि युवती के मुंह पर नशीला पदार्थ छिड़ककर उसका अपहरण किया गया। आवेदन के मुताबिक, जब युवती को होश आया तो वह एक सुनसान स्थान पर थी, जहां नामजद आरोपितों के अलावा कई अन्य लोग भी मौजूद थे। परिजनों का आरोप है कि युवती के साथ आपत्तिजनक हरकतें की गईं, उसके कपड़े उतरवाकर वीडियो बनाया गया और विरोध करने पर उसे तथा उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी गई।
बताया जाता है कि भय और सामाजिक बदनामी के कारण युवती तत्काल घटना की जानकारी किसी को नहीं दे सकी। किसी तरह वह शाम में घर पहुंची, लेकिन कथित तौर पर जब उसने अपना आपत्तिजनक वीडियो वायरल होते देखा तो वह गहरे सदमे में चली गई। परिजनों के अनुसार, मानसिक तनाव के कारण युवती ने आत्महत्या का प्रयास भी किया, हालांकि समय रहते परिवार के लोगों ने उसे बचा लिया बाद में युवती ने पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने परिजनों को दी, जिसके बाद परिवार ने पुलिस से न्याय की गुहार लगाई। पीड़िता के पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि जब उन्होंने आरोपित पक्ष से शिकायत की तो उन्हें वीडियो और अधिक वायरल करने तथा पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई।
इधर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के जमुई आगमन को लेकर जिला प्रशासन सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है। ऐसे समय में सामने आया यह मामला महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। विपक्षी दल भी इस घटना को लेकर सरकार और प्रशासन पर सवाल उठा सकते हैं।
मामले पर एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रेम-प्रसंग, छेड़खानी समेत अन्य संभावित एंगल पर भी जांच की जा रही है और जल्द पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सामने आई इस घटना ने जिले में चर्चा का माहौल बना दिया है। अब लोगों की निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि पीड़िता के आरोपों में कितनी सच्चाई है, वीडियो वायरल करने के पीछे कौन लोग शामिल हैं और जांच में किन लोगों की भूमिका सामने आती है।
यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल अपहरण या छेड़खानी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह संगठित अपराध, यौन हिंसा, डिजिटल उत्पीड़न और धमकी जैसे गंभीर अपराधों का रूप ले सकता है। ऐसे में मुख्यमंत्री के दौरे से पहले सामने आई यह घटना प्रशासन के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हो सकती है।