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21-Feb-2026 12:11 PM
By Dheeraj Kumar
Bihar News: जमुई जिले के मलयपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार की देर शाम एक हैरान करने वाला मामला सामने आया, जिसने पुलिस और परिवहन व्यवस्था दोनों पर सवाल खड़े कर दिए। मामला एक ऐसे डीसीएम वाहन से जुड़ा है, जो कागजों पर पश्चिम बंगाल में चल रहा था, लेकिन उसका चालान बिहार के जमुई में कट रहा था।
जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित नरसिंहबांध निवासी नीरज कुमार मंडल ने मलयपुर थाना को सूचना दी कि उनके वाहन का नंबर बीआर 37E/2056 है और उनका वाहन कभी जमुई आया ही नहीं। इसके बावजूद उनके मोबाइल पर जमुई में दो बार चालान कटने का मैसेज प्राप्त हुआ। यह देख वे हैरान रह गए।
नीरज मंडल का ननिहाल बरहट थाना क्षेत्र के टेंगहारा गांव में है। जब उन्होंने वहां संपर्क किया तो पता चला कि उनके वाहन नंबर का उपयोग टेंगहारा में एक डीसीएम वाहन पर किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह वाहन गुड्डू कुमार का बताया गया, जो सीमेंट रैक पर माल ढुलाई करता है।
सूचना मिलते ही मलयपुर पुलिस सक्रिय हुई और एस आई सुनील कुमार, प्रभारी थाना अध्यक्ष अर्चना कुमारी, दलबल के साथ छापेमारी कर उक्त डीसीएम वाहन को सीमेंट लदे हालत में जब्त कर लिया। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर वाहन पर लदा सीमेंट दूसरे वाहन पर लोड कर सुरक्षित भेज दिया गया। देर शाम आसनसोल से असली वाहन मालिक के पहुंचने के बाद फर्जी नंबर प्लेट लगाकर लोगों को गुमराह करने के आरोप में वाहन मालिक और चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
सूत्रों की मानें तो जब्त वाहन पर लोन की राशि बकाया थी। आशंका जताई जा रही है कि लोन देने वालों की नजर से बचने के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहन का संचालन किया जा रहा था, ताकि पहचान छुपाई जा सके। थानाध्यक्ष शेखर सौरभ ने पुष्टि करते हुए बताया कि फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वाहन चलाने के आरोप में डीसीएम को जब्त किया गया है। पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस अब यह भी खंगाल रही है कि इस तरह के फर्जीवाड़े में और कौन-कौन शामिल हैं।