Bihar Cyber Fraud: जमुई जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके बैंक खातों से करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन सामने आया है. इस कार्रवाई के बाद साइबर ठगी से जुड़े बड़े नेटवर्क के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है.


एसपी विश्वजीत दयाल के निर्देश पर साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया था. टीम ने चंद्रदीप थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव में छापेमारी कर आरोपी को गिरफ्तार किया.


गिरफ्तार आरोपी की पहचान शाहपुर गांव निवासी रामविलास यादव के पुत्र आलोक कुमार के रूप में हुई है. पुलिस ने उसके पास से दो बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए हैं. जांच में सामने आया कि इन दोनों खातों के जरिए लगभग एक करोड़ रुपये का ट्रांजेक्शन किया गया है.


रविवार शाम प्रेस वार्ता के दौरान साइबर थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि शाहपुर गांव में साइबर ठगी से जुड़े कुछ लोग सक्रिय हैं. सूचना के आधार पर एसआईटी का गठन किया गया, जिसमें साइबर थाना के साथ सिकंदरा और चंद्रदीप थाना की पुलिस को भी शामिल किया गया.


पुलिस टीम ने चिन्हित ठिकाने पर छापेमारी कर आलोक कुमार को पकड़ लिया. पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. पुलिस को शक है कि इस गिरोह में कई और लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश की जा रही है.


जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से एक संदिग्ध APK फाइल भी मिली है. पुलिस के अनुसार साइबर अपराधी अक्सर व्हाट्सएप के जरिए ऐसी फाइल या लिंक लोगों को भेजते हैं. जैसे ही कोई व्यक्ति इसे खोलता है, उसके मोबाइल की निजी जानकारी अपराधियों तक पहुंच सकती है.


इसके बाद साइबर अपराधी बैंकिंग जानकारी का गलत इस्तेमाल कर खातों से पैसे निकाल लेते हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, APK फाइल या संदिग्ध मैसेज पर क्लिक न करें.


फिलहाल साइबर थाना में मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है. 


जमुई से धीरज कुमार की रिपोर्ट