Jamui Case : बिहार के जमुई में मड़वा पहाड़ी इलाके में नाबालिग छात्रा के साथ हुई कथित छेड़छाड़ और अश्लील हरकत के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामले के मुख्य आरोपी नंदन यादव और उसके साथी हरेराम यादव को मंगलवार को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया।
लेकिन नंदन यादव का नाम इस मामले के बाद ही पहली बार सामने नहीं आया। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ पहले से आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले रहे हैं और इलाके में उसकी दबंग छवि थी। पुलिस और स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, नंदन यादव प्रतापपुर गांव का रहने वाला है और शराब तस्करी तथा अवैध बालू कारोबार से जुड़ा रहा है। इसी कथित अवैध कमाई और आपराधिक गतिविधियों के चलते उसने इलाके में अपना प्रभाव कायम कर रखा था।
बताया जाता है कि नंदन यादव कुंदर जाने वाले रास्ते से कथित तौर पर देसी और विदेशी शराब की तस्करी करता था। इसके अलावा प्रतापपुर बालू घाट से अवैध तरीके से बालू खनन और उसकी बिक्री में भी उसकी संलिप्तता बताई जाती रही है। स्थानीय लोगों के बीच उसकी छवि एक दबंग व्यक्ति की बन गई थी। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ मारपीट और रंगदारी जैसी आपराधिक गतिविधियों के आरोप भी रहे हैं।
19 सितंबर की शाम मड़वा पहाड़ी इलाके में जब नाबालिग छात्रा अपने सहपाठी के साथ घूमकर लौट रही थी, तभी कथित तौर पर कुछ युवकों ने उसे घेर लिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में लाल गमछे से चेहरा ढके एक युवक को भीड़ के बीच देखा गया, जिसे पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव के रूप में चिन्हित किया। पुलिस के अनुसार, घटना के समय आरोपी नशे में था। वायरल वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और पुलिस पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया।
नंदन यादव के आपराधिक इतिहास में एक और गंभीर घटना का उल्लेख पुलिस रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी में सामने आया है। मई 2021 में अवैध बालू खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची प्रशासनिक टीम पर हमला किया गया था। उस समय तत्कालीन एसडीएम प्रतिभा रानी के काफिले पर भी कथित तौर पर गोलीबारी हुई थी। इस घटना में नंदन यादव और उसके सहयोगियों की भूमिका का उल्लेख किया गया था। बालू खनन को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान सरकारी टीम पर हमला अपने आप में गंभीर मामला था।
इसके बाद भी नंदन यादव का कथित आपराधिक नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ। पुलिस के मुताबिक, वह अपने सहयोगियों के साथ इलाके में सक्रिय रहा। मड़वा कांड के बाद जब पुलिस ने उसकी तलाश तेज की तो मंगलवार को प्रतापपुर गांव के पास पुलिस टीम और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हो गई। पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई में नंदन यादव के पैर में गोली लगी। उसके साथ मौजूद हरेराम यादव भी घायल हुआ। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर जमुई सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
नंदन यादव की गिरफ्तारी के बाद कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। इस मामले में उसके परिवार का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। पुलिस ने नंदन यादव के पिता गनौरी यादव को भी प्रतापपुर गांव से गिरफ्तार किया है। गनौरी यादव पर 23 साल पुराने डबल मर्डर केस में नामजद होने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2003 में प्रतापपुर गांव में दो सगे भाइयों डीपी यादव और पुणे यादव की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में गनौरी यादव को नामजद आरोपी बनाया गया था और घटना के बाद से वह फरार चल रहा था।
पुलिस के मुताबिक, 3 अप्रैल 2003 को ठेकेदारी विवाद को लेकर दोनों भाइयों की हत्या हुई थी। इस मामले में मृतकों की मां संसारी देवी की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। लंबे समय से फरार चल रहे गनौरी यादव को पुलिस ने अब प्रतापपुर से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इस तरह जमुई के मौजूदा कांड की जांच के दौरान नंदन यादव के साथ-साथ उसके पिता गनौरी यादव का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी पुलिस की कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। एक तरफ नंदन यादव पर नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले में मुख्य आरोपी होने का आरोप है, वहीं उसके खिलाफ पहले की आपराधिक गतिविधियों और 2021 में प्रशासनिक टीम पर हमले से जुड़े आरोपों की भी जांच और कानूनी कार्रवाई का रिकॉर्ड सामने आया है। दूसरी ओर, उसके पिता गनौरी यादव की गिरफ्तारी 2003 के दोहरे हत्याकांड से जुड़े पुराने मामले में हुई है।
दोनों मामलों को जोड़कर देखें तो जमुई पुलिस की कार्रवाई में एक तरफ वर्तमान घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है, तो दूसरी तरफ लंबे समय से लंबित पुराने आपराधिक मामले में भी गिरफ्तारी हुई है। हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा। फिलहाल नंदन यादव और हरेराम यादव का इलाज पुलिस सुरक्षा में चल रहा है, जबकि गनौरी यादव को 23 साल पुराने डबल मर्डर मामले में न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।