IPS Deepti Monali Success Story: जमुई में दसवीं की छात्रा के साथ हुई घटना की जांच अब IPS अधिकारी दीप्ति मोनाली की अगुवाई में होगी. मामले की जांच के लिए उनके नेतृत्व में विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है. टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी.
दीप्ति मोनाली की पहचान सिर्फ इस मामले की जांच से नहीं है. UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 184वीं रैंक हासिल करने के बाद वह IPS बनीं और फिलहाल जमुई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी यानी SDPO की जिम्मेदारी संभाल रही हैं. जमुई सब-डिवीजन की पहली महिला SDPO के तौर पर भी उनकी पहचान बनी है.
UPSC में हासिल की है 184वीं रैंक
दीप्ति मोनाली ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा-2023 में ऑल इंडिया 184वीं रैंक हासिल की थी. इसके बाद उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा के लिए हुआ. वह 2024 बैच की बिहार कैडर की IPS अधिकारी हैं. फिलहाल वह जमुई में SDPO के पद पर तैनात हैं और इलाके की पुलिस व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही हैं.
पटना में ही हुई स्कूली शिक्षा
दीप्ति मोनाली मूल रूप से पूर्वी चंपारण की रहने वाली हैं, जबकि उनकी परवरिश पटना में हुई. उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई डीएवी पब्लिक स्कूल, पटना से की. इसके बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया. दिल्ली विश्वविद्यालय के दौलत राम कॉलेज से दर्शनशास्त्र में ग्रेजुएशन किया. इसके बाद मिरांडा हाउस से दर्शनशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की.
गया से शुरू हुआ पुलिस सेवा का सफर
पढ़ाई पूरी करने और UPSC में सफलता हासिल करने के बाद दीप्ति मोनाली ने राष्ट्रीय पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग ली. इसके बाद उनकी पहली महत्वपूर्ण तैनाती गया जिले में प्रशिक्षु सहायक पुलिस अधीक्षक के तौर पर हुई. गया में प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्हें जमुई में SDPO की जिम्मेदारी दी गई.
जमुई की पहली महिला SDPO
जमुई में SDPO की जिम्मेदारी संभालते ही दीप्ति मोनाली इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला अधिकारी बनीं. उनके सामने इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ अपराध पर नियंत्रण और लोगों का पुलिस पर भरोसा मजबूत करने की जिम्मेदारी है.
अब छात्रा मामले की जांच की मिली जिम्मेदारी
जमुई में दसवीं की छात्रा से जुड़ा मामला सामने आने के बाद इसकी जांच के लिए दीप्ति मोनाली की अगुवाई में SIT बनाई गई है. अब उनकी टीम मामले की जांच करेगी और घटना से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की पड़ताल करेगी. टीम आरोपियों की भूमिका, घटना से जुड़े तथ्यों और मामले में सामने आने वाली दूसरी जानकारियों की जांच करेगी.
दर्शनशास्त्र की पढ़ाई करने वाली दीप्ति मोनाली ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 184वीं रैंक हासिल की और इसके बाद IPS अधिकारी बनीं. गया में प्रशिक्षण और तैनाती के बाद उन्हें जमुई में SDPO की जिम्मेदारी मिली.