जमुई: क्या फेसबुक पर शुरू हुआ प्यार मंदिर तक पहुंचा और फिर वहीं खत्म हो गया? क्या एक युवती को शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए गए? या फिर यह पूरा मामला किसी और सच्चाई की ओर इशारा करता है? इन सवालों के जवाब अब पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे, लेकिन फिलहाल जमुई में एक महिला की शिकायत ने पुलिस महकमे में हलचल जरूर मचा दी है। दरअसल, मुंगेर जिले की निवासी एक युवती शनिवार को सीधे जमुई समाहरणालय स्थित एसपी कार्यालय पहुंची। हाथ में आवेदन था और आंखों में इंसाफ की उम्मीद। उसने जिले के चंद्रदीप थाना में पदस्थापित एसआई कुंदन कृष्णन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि फेसबुक पर शुरू हुई दोस्ती प्यार में बदली, फिर मंदिर में शादी हुई, छह महीने तक पति-पत्नी की तरह संबंध रहे और उसके बाद उसे यह कहकर अपनाने से इनकार कर दिया गया कि वह दूसरी जाति की है।
फेसबुक से शुरू हुई बातचीत, प्यार में बदली दोस्ती
महिला के मुताबिक करीब एक वर्ष पहले फेसबुक के जरिए उसकी पहचान गया जिले के रहने वाले और वर्तमान में जमुई के चंद्रदीप थाना में पदस्थापित एसआई कुंदन कृष्णन से हुई। पहले चैट, फिर फोन पर लंबी बातचीत और धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। करिश्मा का कहना है कि दोनों ने साथ जिंदगी बिताने के सपने देखे और रिश्ता शादी तक पहुंच गया।
मंदिर में शादी का दावा, फिर साथ निभाने का वादा
युवती ने अपने आवेदन में कहा है कि 13 फरवरी 2026 को कुंदन कृष्णन मुंगेर पहुंचे, जहां चंडिका स्थान मंदिर में दोनों ने हिंदू रीति-रिवाज से विवाह किया। शादी के बाद पति ने भरोसा दिलाया कि बड़े भाई की शादी होने के बाद वह उसे अपने घर ले जाएंगे। इसी भरोसे पर वह महीनों तक इंतजार करती रही। लेकिन महिला का आरोप है कि समय बीतने के साथ सब कुछ बदलने लगा। पहले बहाने बने, फिर दूरी बढ़ी और आखिरकार साथ रखने से साफ इनकार कर दिया गया। जब उसने अपने वैवाहिक अधिकार की बात की तो कथित तौर पर उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना शुरू हो गई।
'11 जुलाई को बुलाया... संबंध बनाया... फिर 5 लाख लेकर अलग होने का दबाव'
महिला का आरोप यहीं खत्म नहीं होता। उसने कहा कि 11 जुलाई को एसआई ने उसे जमुई स्थित अपने किराये के मकान पर बुलाया। वहां उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए गए। इसके बाद उस पर 5 लाख रुपये लेकर हमेशा के लिए अलग हो जाने का दबाव बनाया गया। युवती का कहना है कि जब उसने इस प्रस्ताव का विरोध किया तो मामला और बिगड़ गया। उसके मुताबिक उसे जबरन थाना परिसर ले जाया गया, जहां जान से मारने की धमकी दी गई।
महिला का आरोप- थाने में भी नहीं मिला इंसाफ
पीड़िता ने आवेदन में आरोप लगाया है कि थाना परिसर में मौजूद कुछ पुरुष और महिला पुलिसकर्मियों ने भी उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। गाली-गलौज की गई, मारपीट की गई और उसे वहां से भगा दिया गया। अब उसने एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
दूसरी तरफ दरोगा ने क्या कहा?
जब इस पूरे मामले में एसआई कुंदन कृष्णन से संपर्क किया गया तो उन्होंने महिला के साथ शादी होने के दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया। हालांकि उन्होंने यह स्वीकार किया कि दोनों की पहचान फेसबुक के माध्यम से हुई थी। दोनों की साथ वाली तस्वीरों के बारे में पूछे जाने पर उनका कहना था कि उन्हें नहीं पता कि वह तस्वीर कब और किस परिस्थिति में ली गई थी। उन्होंने शादी करने से साफ इनकार किया।
एसपी ने क्या कहा?
जमुई के पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने बताया कि उन्हें महिला का आवेदन प्राप्त हुआ है। मामला गंभीर है और इसकी जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अब सबसे बड़ा सवाल...
क्या फेसबुक पर शुरू हुआ प्यार सचमुच मंदिर में शादी तक पहुंचा था? क्या युवती के आरोप सही हैं या फिर कहानी का दूसरा पहलू भी सामने आएगा? क्या शादी का वादा कर रिश्ता निभाया गया और बाद में इनकार कर दिया गया? या फिर यह मामला किसी निजी विवाद का रूप है?
इन तमाम सवालों का जवाब अभी जांच के बाद ही मिलेगा। फिलहाल एक ओर महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है, तो दूसरी ओर एसआई ने शादी के दावे से साफ इनकार किया है। ऐसे में अब सभी की नजर पुलिस जांच पर टिकी है, क्योंकि सच वही होगा जो जांच और उपलब्ध साक्ष्यों से साबित होगा।