Bihar Health News: बिहार में स्वास्थ्य विभाग को लेकर सरकार भले ही बड़े-बड़े अस्पतालों के नाम पर इमारतें खड़ी कर रही हो, लेकिन इलाज और व्यवस्था की जमीनी हकीकत देखें तो हालात बेहद चिंताजनक नजर आते हैं. ऐसा ही एक मामला जमुई के गिद्धौर स्थित दिग्विजय सिंह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से सामने आया है, जहां सोमवार को सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाल तस्वीर देखने को मिली. अस्पताल परिसर में मरीज को ले जाने के लिए खड़ी 102 एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई. मरीज को एंबुलेंस में बैठाने के बाद जब वाहन चालू नहीं हुआ तो मौके पर मौजूद लोगों ने उसे धक्का देकर स्टार्ट करने की कोशिश की. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
अस्पताल परिसर में ही खराब मिली सरकारी एंबुलेंस
स्थानीय लोगों के अनुसार, मरीज को अस्पताल से दूसरी जगह ले जाने के लिए 102 एंबुलेंस तैयार की गई थी. मरीज को वाहन में बैठाने के बाद एंबुलेंस स्टार्ट करने की कोशिश की गई, लेकिन वह चालू नहीं हुई. काफी प्रयास के बाद भी जब एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई तो वहां मौजूद लोगों ने वाहन को धक्का लगाना शुरू कर दिया.
स्वास्थ्य केंद्र परिसर में सरकारी एंबुलेंस को इस तरह धक्का लगाकर चालू करने की तस्वीर सामने आने के बाद अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं. लोगों का कहना है कि जिस एंबुलेंस का इस्तेमाल मरीजों को आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाने या अस्पताल से दूसरे स्वास्थ्य केंद्र तक ले जाने के लिए किया जाता है, अगर वही समय पर काम न करे तो मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है.
ग्रामीणों का कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए एंबुलेंस महज एक वाहन नहीं, बल्कि समय पर इलाज तक पहुंचाने का जरूरी साधन है. ऐसे में एंबुलेंस की नियमित जांच और उसकी तकनीकी स्थिति दुरुस्त रखना स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी है. अस्पताल परिसर में ही एंबुलेंस खराब होने और मरीज को बैठाने के बाद उसे धक्का देकर स्टार्ट करने की जरूरत पड़ना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है.
ग्रामीणों ने एंबुलेंस की नियमित जांच कराने और खराब वाहनों को समय पर दुरुस्त कराने की मांग की है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को परेशानी का सामना न करना पड़े.
एंबुलेंस को धक्का लगाकर स्टार्ट करने का वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी चर्चा तेज हो गई है. लोग स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था और सरकारी एंबुलेंस सेवा को लेकर सवाल उठा रहे हैं.
फिलहाल एंबुलेंस खराब होने के वास्तविक कारण और उसे लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.