BIHAR NEWS : बिहार के जहानाबाद जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पुलिस महकमे को झकझोर कर रख दिया है। विशेष कार्य बल (STF) के एक जवान की अपनी ही सरकारी पिस्टल से चली गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है, जबकि मृतक के गांव और परिवार में मातम पसरा हुआ है।
यह घटना जिले के घोसी थाना क्षेत्र के चिरी मोड़ के समीप बीते देर शाम घटी। मृतक जवान की पहचान नालंदा जिले के रहुई थाना क्षेत्र के सोनसा गांव निवासी धीरज कुमार के रूप में हुई है। वह बिहार एसटीएफ में तैनात थे और ड्यूटी के दौरान यह हादसा हुआ।
प्राप्त जानकारी के अनुसार धीरज कुमार अपनी सरकारी पिस्टल कमर में लगाकर ड्यूटी पर थे। इसी दौरान अचानक पिस्टल से गोली चल गई और गोली सीधे उन्हें लग गई। गोली लगते ही घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। उनके साथ मौजूद अन्य जवानों ने तत्काल उन्हें इलाज के लिए घोसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
हालांकि अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया। जवान की मौत की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी भी घटनास्थल और अस्पताल पहुंचे तथा मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि पूरी सुरक्षा व्यवस्था के साथ कमर में रखी गई सरकारी पिस्टल से अचानक गोली कैसे चल गई। घटना दुर्घटनावश हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस तकनीकी और अन्य पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की पड़ताल कर रही है।
मृतक जवान धीरज कुमार अपने परिवार के एक महत्वपूर्ण सदस्य थे। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी आंगनबाड़ी सहायिका के रूप में कार्यरत हैं। अचानक हुई इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। जवान की मौत की सूचना मिलते ही उनके पैतृक गांव सोनसा में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार धीरज कुमार काफी मिलनसार और कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति थे। वह लंबे समय से पुलिस सेवा में कार्यरत थे और अपने परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रहे थे। उनकी असामयिक मौत से गांव के लोग भी स्तब्ध हैं।घटना के बाद पुलिस विभाग के अधिकारियों ने भी शोक व्यक्त किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर पिस्टल से गोली किन परिस्थितियों में चली। एक ओर जहां जवान की मौत ने उनके परिवार को गहरे दुख में डुबो दिया है, वहीं दूसरी ओर इस घटना ने पुलिस विभाग में हथियारों की सुरक्षा और हैंडलिंग को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं।