Bihar News: बिहार में पग-पग पर घोटाला. जहां देखें वहीं गड़बड़ी है. ताजा मामला सरकारी अस्पतालों में जेनरेटर बिल में हो रहे खेल का है. मामला जहानाबाद से सामने आया. जेनरेटर बिल में हो रहे फर्जीवाड़े की खबर आई तो जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए. जांच टीम का गठन किया गया,कागज पर जांच भी हुई,लेकिन जांच रिपोर्ट का अता-पता नहीं. अब सवाल है कि क्या, जांच रिपोर्ट के साथ भी खेल कर दिया गया ? 


जहानाबाद के सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़े सवाल खड़े होने लगे हैं। सदर अस्पताल में जेनरेटर के ईंधन और मेंटेनेंस बिल में कथित तौर पर बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया. सच्चाई सामने लाने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए जहानाबाद जिला प्रशासन द्वारा एक विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया. जिलाधिकारी ने 17 सितंबर 2026 को डीडीसी की अध्यक्षता में जांच टीम का गठन किया था. जांच मिलने के बाद जहानाबाद के डीडीसी ने सदर अस्पताल के अधीक्षक और सिविल सर्जन से प्रतिवेदन और जांच से संबंधित कागजात मांगे थे. 17 सितंबर से 6 अक्टूबर 2026 हो गया. आज तक जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को नहीं सौंपी गई है. 


सबसे बड़ा सवाल यह है कि कमेटी गठित हुए 20 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक क्यों नहीं की गई है? क्या सिर्फ जांच कमेटी बनाकर इस गंभीर मामले को ठंडे बस्ते में डालने और लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है?

क्या है पूरा मामला..?

जहानाबाद, सदर अस्पताल में जनरेटर संचालन के नाम पर हर महीने आने वाले खर्च, विशेषकर जनरेटर के नाम पर भारी-भरकम बिलों का भुगतान किया जा रहा था। जब इन बिलों और धरातल पर हुई खपत की पड़ताल की बात उठी, तो इसमें बड़े फर्जीवाड़े की बू आई। इसके बाद जनमानस और मीडिया में यह मामला तूल पकड़ने लगा, जिसके दबाव में आकर जिला प्रशासन ने आनन-फानन में जांच टीम गठित कर दी।