ब्रेकिंग न्यूज़

Bihar News: राज्यसभा चुनाव नामांकन के बीच विधान परिषद की सीटों को लेकर भी चर्चा तेज, जानिए क्या है यहां का समीकरण Bihar politics : नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की खबर “होली का मजाक”! केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह बोले - नीतीश जी मुख्यमंत्री हैं Nitish Kumar: नीतीश चले दिल्ली! बिहार में कुर्सी पर 'कमल', राज्यसभा रिजल्ट के बाद नई सरकार का गठन Nitish Kumar : नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर: निर्दलीय विधायक से 10 बार बने बिहार के मुख्यमंत्री, अब राज्यसभा की तैयारी Bihar News: बिहार में कौन होगा BJP का मुख्यमंत्री? होली के बाद सत्ता परिवर्तन की अटकलें तेज Bihar News : विधानसभा में जाने पर मीडिया को रोका गया...नहीं मिलेगी इंट्री, 5 मार्च के लिए जारी हुआ आदेश BREAKING: जेडीयू ने मानी राज्यसभा जाने की चर्चा, विजय चौधरी बोले – फैसला नीतीश कुमार ही लेंगे Nitish Kumar : CM नीतीश के कुर्सी छोड़ने की खबर से भूचाल! JDU के अंदर भारी आक्रोश...कल सुबह CM हाउस के बाहर समर्थकों का होगा बड़ा जुटान... Bihar politics : बिहार में राजनीतिक हलचल तेज, अमित शाह कल पहुंचेंगे पटना; नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए कल भरेंगे नामांकन ! Bihar News : फाइनल मुहर: नीतीश कुमार कल राज्यसभा के लिए दाखिल करेंगे नामांकन, अगला मुख्यमंत्री BJP का, JDU से होंगे 2 डिप्टी सीएम

गोपालगंज से केसरिया तक विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की ऐतिहासिक यात्रा, मंत्री अशोक चौधरी और सायन कुणाल ने की पूजा

सायन कुणाल ने बताया कि 10 से 12 जनवरी तक यह शिवलिंग केसरिया पहुंचेगा और 17 जनवरी को इसे विधिवत स्थापित किया जाएगा। 2030 तक विराट रामायण मंदिर का संपूर्ण निर्माण कार्य का काम पूरा होगा। जिसके बाद इसे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया जाएगा।

05-Jan-2026 02:47 PM

By First Bihar

GOPALGANJ: गोपालगंज से इस वक्त आस्था और सनातन से जुड़ी एक ऐतिहासिक और अत्यंत महत्वपूर्ण खबर सामने आ रही है। आज गोपालगंज से पूर्वी चंपारण के केसरिया स्थित निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर के लिए विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की ऐतिहासिक यात्रा निकाली गयी। जिसमें बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी और बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य सायन कुणाल भी शामिल हुए।


गोपालगंज पहुंचे दोनों नेताओं ने सबसे पहले थावे दुर्गा मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे कुचायकोट थाना क्षेत्र अंतर्गत बलथरी चेकपोस्ट पहुंचे, जहां विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की विधिवत पूजा संपन्न हुई। पूजा के उपरांत यह विशाल शिवलिंग अपने अंतिम गंतव्य पूर्वी चंपारण के केसरिया स्थित निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर के लिए रवाना किया गया।


करीब 210 मीट्रिक टन वजनी, ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित यह शिवलिंग विश्व का सबसे बड़ा एकल शिवलिंग माना जा रहा है। इसका निर्माण महावीर मंदिर ट्रस्ट द्वारा कराया गया है और इसकी स्थापना केसरिया स्थित विराट रामायण मंदिर परिसर में की जाएगी।


इस अवसर पर मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि “यह शिवलिंग केवल पत्थर की आकृति नहीं, बल्कि एक महान संकल्प का प्रतीक है। स्वर्गीय किशोर कुणाल जी का सपना था कि ऐसा शिवलिंग बने, जिसके दर्शन और जलाभिषेक से 1008 शिवलिंग के पूजन का पुण्य प्राप्त हो। आज वह सपना साकार हो रहा है।” उन्होंने बताया कि महावीर मंदिर ट्रस्ट की टीम इस पूरे प्रोजेक्ट की नियमित निगरानी कर रही है, ताकि निर्माण और स्थापना कार्य पूरी शुद्धता, भव्यता और सनातन परंपरा के अनुरूप हो।


इस पावन अवसर पर बिहार विधान परिषद सदस्य राजीव कुमार सिंह उर्फ गप्पू बाबू और बरौली विधायक मनजीत सिंह भी मौजूद रहे। मंत्री ने कहा कि दोनों जनप्रतिनिधि सनातन धर्म में गहरी आस्था रखते हैं और उनके नेतृत्व में ही बलथरी बॉर्डर पर विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई।


उत्तर प्रदेश से भी हनुमानगढ़ी से जुड़े संत और श्रद्धालु इस शिवलिंग के स्वागत में गोपालगंज बॉर्डर तक पहुंचे। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, “हनुमान जी को रुद्र पुत्र माना जाता है और महादेव स्वयं हनुमान जी के रूप हैं। ऐसे में इस शिवलिंग की स्थापना से बिहार में सनातन परंपरा को नई ऊर्जा और नई शक्ति मिलेगी।”


बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य सायन कुणाल ने जानकारी दी कि यह शिवलिंग 10 से 12 तारीख के बीच केसरिया पहुंचेगा, जबकि 17 तारीख, मार्ग कृष्ण चतुर्दशी के पावन अवसर पर इसकी विधिवत स्थापना की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि विराट रामायण मंदिर का संपूर्ण निर्माण कार्य वर्ष 2030 तक पूरा कर लिया जाएगा। उसी वर्ष सभी देवी-देवताओं की भव्य प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न होगी और इसके बाद मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह खोल दिया जाएगा।


गोपालगंज की धरती से शुरू हुई यह शिवभक्ति की विराट यात्रा न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश और विश्व के सनातन श्रद्धालुओं के लिए एक ऐतिहासिक अध्याय बनने जा रही है। विश्व का सबसे बड़ा शिवलिंग, विराट रामायण मंदिर और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था यह सब मिलकर बिहार को एक वैश्विक धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।