GOPALGANJ : शराबबंदी वाले बिहार में मंगलवार को जब डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी शराब को लेकर बड़ी बड़ी बातें कर रहे थे, उसी समय सरकार को शर्मशार करने वाला वाकया सामने आ गया. सत्तारूढ़ जेडीयू के विधायक मंजीत सिंह का सरकारी बॉडीगार्ड शराब तस्करी में पकड़ा गया. उसे 35 पेटी अवैध शराब के साथ पकड़ा गया. विधायक के बॉडीगार्ड के साथ पुलिस के एक और जवान को गिरफ्तार किया गया है. 


पुलिस अधिकारियों की जुबान बंद

इस सनसनीखेज मामले के खुलासे के बाद पुलिस के अधिकारियों की जुबान बंद है. गोपालगंज के गोपालपुर पुलिस ने विधायक के बॉडीगार्ड और दूसरे पुलिस जवान को भरी मात्रा में शराब के साथ पकड़ा है. मीडिया ने जब गोपालपुर के थानेदार से इस संबंध में पूछा तो उन्होंने कहा कि अभी इस मामले की जांच की जा रही है. थानेदार ने कहा कि अभी मैं रेड में हूं इसलिए कुछ कह नहीं सकता. गोपालगंज के दूसरे पुलिस अधिकारियों ने भी मीडिया को कोई जानकारी नहीं दी है.


विधायक की दलील 

अपने बॉडीगार्ड के पकड़े जाने के बाद बरौली के जेडीयू विधायक मंजीत सिंह ने अलग ही दलील दी है. मंजीत सिंह ने कहा कि उन्होंने तीन दिन पहले ही अपने बॉडीगार्ड अमित कुमार को हटाने के लिए एसपी को पत्र लिख दिया था लेकिन एसपी ने उसे नहीं हटाया.


कार से चलता था पुलिस का सिपाही

विधायक ने खुद बताया कि उनका बॉडीगार्ड कार से चलता था और अपने घर बेतिया से आता जाता था. रात में वह बिना बताए गायब हो जाता था. इसलिए मैने उसे हटाने के लिए एसपी को पत्र लिखा था. 


विधायक की दलील में कितना दम 

गोपालगंज पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि विधायक मंजीत सिंह ने अपनी मर्जी से बॉडीगार्ड चुना था. विधायक जी ने खास पैमाने को देख परख कर पुलिस से अपना बॉडीगार्ड चुना था. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक विधायक चाहें तो अपने बॉडीगार्ड को तत्काल वापस भेज सकते हैं और इसकी सूचना एसपी या दूसरे वरीय पुलिस अधिकारियों को दे सकते हैं. फिर वे 3 दिन से बॉडीगार्ड हटाने का आवेदन देकर इंतजार क्यों कर रहे थे ये समझ से परे की बात है.