Anant Singh FIR : बिहार के गोपालगंज से एक हाई-प्रोफाइल विवाद सामने आया है, जिसने राजनीति और प्रशासनिक हलकों में हलचल मचा दी है। मोकामा के बाहुबली विधायक और ‘छोटे सरकार’ के नाम से मशहूर अनंत सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। एक निजी समारोह में उनके स्वागत के दौरान समर्थकों द्वारा खुलेआम हथियार लहराने और बार बालाओं के मुजरे का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने बड़ा एक्शन लिया है। इस मामले में सबसे पहले 1st बिहार झारखंड ने खबर दिखाई थी उसके बाद अब एक्शन हुआ है।
गोपालगंज पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए आयोजक गुड्डू राय, विधायक अनंत सिंह, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह समेत कुल 9 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी शुरू कर दी है।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 2 मई को अनंत सिंह गोपालगंज के मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव में एक उपनयन संस्कार (जनेऊ) कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। यह कार्यक्रम स्थानीय मुखिया गुड्डू राय के पुत्र का था। समारोह को भव्य बनाने के लिए बड़े स्तर पर आयोजन किया गया था, जिसमें भोजपुरी कलाकारों की प्रस्तुति भी रखी गई थी।
लेकिन इस कार्यक्रम के दौरान जो दृश्य सामने आए, उन्होंने पूरे आयोजन को विवादों में ला दिया। वायरल वीडियो में देखा गया कि अनंत सिंह के स्वागत में उनके समर्थक भोजपुरी गाने “रंगदार के भतार भूमिहार जी” पर नाचते हुए हथियार लहरा रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, मंच पर बार बालाएं “तवायफ कहां किसी से मोहब्बत करती है” और “मुझको राणा जी माफ करना” जैसे गानों पर डांस कर रही थीं। इतना ही नहीं, वीडियो में कुछ लोग नर्तकियों पर नोटों की बारिश करते भी नजर आए। यह पूरा नजारा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
पुलिस की कार्रवाई
वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय मीडिया में खबर चलने पर गोपालगंज के एसपी विनय तिवारी ने मामले को गंभीरता से लिया और हथुआ एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता को जांच का निर्देश दिया। जांच के बाद पुलिस ने मीरगंज थाने में एफआईआर दर्ज की।
एफआईआर में आयोजक गुड्डू राय, उत्सव राय, प्रियांशु कुमार, टिशू राय, सौरव कुमार राय, विशाल राय, सुनील यादव, भोजपुरी गायक गुंजन सिंह और विधायक अनंत सिंह को नामजद किया गया है। इसके अलावा कई अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम में अवैध, प्रतिबंधित और लाइसेंसी हथियारों का प्रदर्शन किया गया, जिससे इलाके में दहशत फैलाने की कोशिश हुई। साथ ही, अश्लील नृत्य का आयोजन कर उसका सार्वजनिक प्रसारण भी किया गया।
किन धाराओं में मामला दर्ज?
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इनमें अवैध हथियार प्रदर्शन, सार्वजनिक शांति भंग करने, अश्लीलता फैलाने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने जैसे आरोप शामिल हैं। एसपी कार्यालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो का सत्यापन किया गया, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज
इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने महिला सम्मान को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों में खुलेआम अश्लीलता और हथियारों का प्रदर्शन सरकार की नीतियों पर सवाल खड़ा करता है।
आगे क्या?
फिलहाल पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इस मामले में और भी लोगों की संलिप्तता सामने आने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
गोपालगंज का यह मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि क्या प्रभावशाली लोगों के कार्यक्रमों में कानून के नियमों की अनदेखी की जा रही है? अब देखना होगा कि इस हाई-प्रोफाइल केस में पुलिस कितनी तेजी और निष्पक्षता से कार्रवाई करती है।