GOPALGANJ: बिहार में 10 साल से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन इसकी हकीकत किसी से छिपी हुई नहीं है। शराबबंदी वाले राज्य बिहार में आए दिन शराब की बड़ी खेप पकड़ी जा रही है, जो इस कानून पर कई सवाल खड़े कर रहे हैं। शराबबंदी रहने के बावजूद ना तो शराब पीने वाले सुधरने का नाम ले रहे हैं और ना ही शराब बेचने वाले शराब तस्कर अपनी करतूतों से बाज आ रहे है। शराब की खेप को पुलिस नष्ट करने में लगी है।
बिहार में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में गोपालगंज जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न मामलों में जब्त भारी मात्रा में देशी और विदेशी शराब का विनष्टिकरण कराया। जिलाधिकारी (डीएम) के निर्देश पर दंडाधिकारी, उत्पाद विभाग और पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में करीब 2128 लीटर शराब पर जेसीबी (बुलडोजर) चलाकर उसे नष्ट कर दिया गया। यह कार्रवाई कुचायकोट थाना क्षेत्र के बलथरी चेकपोस्ट पर की गई।
प्रशासन के अनुसार, उत्पाद विभाग और विभिन्न पुलिस थानों द्वारा अलग-अलग अभियानों के दौरान जब्त की गई शराब को निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के तहत नष्ट किया गया। कुल 51 मामलों में जब्त करीब 2128 लीटर देशी और विदेशी शराब का विनष्टिकरण किया गया। पूरी कार्रवाई डीएम के आदेश के अनुपालन में दंडाधिकारी, उत्पाद विभाग और पुलिस अधिकारियों की निगरानी में संपन्न हुई।
उत्पाद अधीक्षक अमृतेश कुमार झा ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के दौरान उत्पाद थाना और विभिन्न पुलिस थानों द्वारा जब्त की गई शराब को नष्ट किया गया। उन्होंने बताया कि नष्ट की गई शराब की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये है।
उन्होंने कहा कि गोपालगंज में शराब तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। अवैध शराब के निर्माण, बिक्री और तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है और भविष्य में भी ऐसे विशेष अभियान निरंतर चलाए जाएंगे।
गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट