Bihar News: बिहार के गोपालगंज जिले के हथुआ स्थित जीएनएम प्रशिक्षण संस्थान में छात्राओं के विवाह पर रोक लगाने से जुड़े विवादित आदेश के मामले में नया मोड़ आ गया। सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने संस्थान पहुंचकर मामले की जांच की और प्रिंसिपल द्वारा जारी आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।
जानकारी के अनुसार, संस्थान की प्रिंसिपल मानसी सिंह द्वारा जारी पत्र में शैक्षणिक सत्र के दौरान छात्राओं के विवाह पर रोक लगाई गई थी। आदेश में यह भी कहा गया था कि यदि किसी छात्रा ने प्रशिक्षण अवधि में विवाह किया, तो उसका नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। इस फैसले के सामने आते ही छात्राओं और अभिभावकों में भारी नाराजगी फैल गई थी।
छात्राओं ने इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया, जबकि अभिभावकों ने भी इस तरह के आदेश पर सवाल उठाए। मामला तेजी से प्रशासन तक पहुंचा, जिसके बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया। जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा के निर्देश पर एसडीओ स्तर से जांच शुरू कराई गई।
सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि जांच में आदेश जारी होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद इसे तुरंत प्रभाव से निरस्त कर दिया गया। साथ ही प्रिंसिपल मानसी सिंह को शो कॉज नोटिस जारी कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है कि किन परिस्थितियों में यह आदेश जारी किया गया और क्या किसी के निर्देश पर ऐसा निर्णय लिया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रिंसिपल को इस प्रकार का आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है।