Bihar Flood Alert: बिहार के कई जिलों में एक बार फिर से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। राज्य के 17 जिलों में विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश जारी किया गया है। गोपालगंज में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। नेपाल की ओर से करीब साढ़े तीन लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन ने नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क करना शुरू कर दिया है।
सदर अंचलाधिकारी रजत कुमार बरनवाल खुद मौके पर पहुंचकर माइकिंग के जरिए ग्रामीणों को जागरूक कर रहे हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे नदी और निचले इलाकों से दूर रहें और अपने मवेशियों को भी नदी की ओर न ले जाएं।
प्रशासन के मुताबिक नेपाल से छोड़ा गया पानी अगले दिन दोपहर तक गोपालगंज पहुंचने की संभावना है। संभावित जलस्तर वृद्धि को देखते हुए गंडक नदी के किनारे बसे गांवों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन की टीम लगातार माइकिंग कर ग्रामीणों को जरूरी सावधानियां बता रही है।
सदर सीओ रजत कुमार बरनवाल जादोपुर दुखहरण पंचायत क्षेत्र में पहुंचकर ग्रामीणों को समझाते नजर आए। उन्होंने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से बांध के ऊंचे और सुरक्षित हिस्से की ओर जाने की अपील की। साथ ही किसानों और पशुपालकों से अपने मवेशियों को नदी के किनारे नहीं ले जाने की सलाह दी।
सदर सीओ ने बताया कि नेपाल की ओर से करीब 3.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसके अगले दिन तक गोपालगंज पहुंचने की संभावना है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के तटबंध करीब 6.5 से 7 लाख क्यूसेक तक पानी का दबाव सहने की क्षमता रखते हैं। ऐसे में लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।
गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई है। इसके तहत नाविकों और आम लोगों से नदी में नाव लेकर नहीं उतरने की अपील की गई है। प्रशासन का कहना है कि पानी बढ़ने के दौरान नदी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है। वहीं जलस्तर बढ़ने के साथ नदी के किनारे कटाव और अंडरकट की स्थिति बनने की आशंका भी रहती है। ऐसे में ग्रामीणों से नदी के किनारे जाने और किसी भी तरह की लापरवाही से बचने की अपील की गई है।
प्रशासन ने ग्रामीणों को एक और महत्वपूर्ण सावधानी बरतने को कहा है। बारिश और बाढ़ के दौरान सांप निकलने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। सांप के काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल नजदीकी पीएचसी या सदर अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई है। प्रशासन के अनुसार अस्पतालों में एंटी-वेनम की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
फिलहाल जिला प्रशासन लगातार गंडक नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। निचले इलाकों में माइकिंग कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन की अपील है कि लोग अफवाहों पर ध्यान न दें, नदी से दूर रहें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना दें।
नेपाल से छोड़े गए पानी के गोपालगंज पहुंचने की संभावना के बीच प्रशासन की तैयारी तेज है। तटबंधों की निगरानी के साथ ग्रामीणों को लगातार अलर्ट किया जा रहा है। प्रशासन ने साफ कहा है कि घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन सावधानी में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
रिपोर्ट- नमो नारायण मिश्रा, गोपालगंज