GOPALGANJ:  गोपालगंज में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। तटबंधों की सुरक्षा और बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों को लेकर जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने सोमवार को गंडक नदी के दाएं तटबंध का स्थल निरीक्षण किया।


डीएम ने उत्तर प्रदेश के अहिरौलीदान से लेकर बेतिया-गोपालगंज सीमा पर स्थित मंगलपुर पुल के दाएं हिस्से तक बने तटबंध की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान ग्राम विशम्भरपुर के समीप तटबंध के किलोमीटर 5 पर पहुंचकर उन्होंने बांध की मजबूती, सुरक्षा और रखरखाव से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।


तटबंधों की लगातार निगरानी के निर्देश

निरीक्षण के दौरान डीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से तटबंध की मौजूदा स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी या किसी भी आपात स्थिति की आशंका को देखते हुए तटबंधों की लगातार निगरानी की जाए। डीएम ने स्पष्ट किया कि तटबंधों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


डीएम ने बताया कि वाल्मीकिनगर बराज से छोड़े जा रहे पानी के जलस्तर पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल करीब एक लाख क्यूसेक पानी आने की बात कही गई है। हालांकि, अभी स्थिति नियंत्रण में है और किसी तरह की गंभीर स्थिति उत्पन्न नहीं हुई है।


विशम्भरपुर से बैकुंठपुर तक निगरानी

डीएम के अनुसार, गंडक नदी के साथ-साथ गंगा नदी का जलस्तर भी काफी बढ़ा हुआ है। ऐसे में नदियों के जलस्तर और पानी के संभावित प्रभाव को देखते हुए प्रशासन लगातार स्थिति की समीक्षा कर रहा है।


विशम्भरपुर से लेकर बैकुंठपुर तक तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। अलग-अलग इलाकों में अधिकारियों को भेजकर प्रतिदिन तटबंधों की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।


बाढ़ से निपटने की तैयारियों की भी समीक्षा

संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन और अन्य संबंधित विभागों को भी अलर्ट रखा है। इन विभागों की तैयारियों की लगातार समीक्षा की जा रही है।


गंडक के बढ़ते जलस्तर के बीच जिला प्रशासन तटबंधों की सुरक्षा से लेकर संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारियों तक हर स्तर पर निगरानी कर रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।