Bihar Teacher News: बिहार के गोपालगंज में फर्जी पंचायत शिक्षिका के खाते में सरकारी खजाने से 17.49 लाख रुपये भुगतान करने के मामले में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के स्थापना संभाग में तैनात निम्न वर्गीय लिपिक धीरज कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. उन पर सरकारी राशि के फर्जी भुगतान, वित्तीय अनियमितता और विभागीय काम में लापरवाही बरतने के आरोप हैं.
मामला नवसृजित प्राथमिक विद्यालय रूपनछाप, मांझा में कार्यरत पंचायत शिक्षिका खुशबू कुमारी से जुड़ा है. विभागीय जांच में उन्हें फर्जी शिक्षिका बताया गया है. आरोप है कि फरवरी 2016 से फरवरी 2024 तक करीब आठ वर्षों के दौरान उनके बैंक खाते में कुल 17 लाख 49 हजार 507 रुपये का भुगतान किया गया.
विभागीय आदेश के अनुसार, यह राशि चेक संख्या 868620 के माध्यम से जारी की गई थी. 22 मई 2026 को चेक जारी हुआ और 26 मई को इसकी राशि शिक्षिका के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी गई.
तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई
मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी. जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों के आधार पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, गोपालगंज ने लिपिक धीरज कुमार के खिलाफ आरोप पत्र तैयार कर कार्रवाई की अनुशंसा की थी.
इसके बाद सारण प्रमंडल के क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (आरडीडीई) संजय कुमार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. विभाग ने प्रथम दृष्टया सरकारी काम में लापरवाही, वित्तीय अनियमितता और बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के उल्लंघन का मामला माना है.
45 दिनों में पूरी करनी होगी विभागीय जांच
निलंबन के साथ ही विभाग ने आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. मामले की विभागीय जांच के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी, सिवान को संचालन पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, माध्यमिक शिक्षा, गोपालगंज को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी बनाया गया है.
विभाग ने आरोप पत्र जारी होने के 45 दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. वहीं, निलंबित लिपिक धीरज कुमार को आरोप पत्र मिलने के 15 दिनों के अंदर साक्ष्य के साथ अपना लिखित बचाव प्रस्तुत करना होगा.
निलंबन अवधि के दौरान धीरज कुमार का मुख्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, सारण निर्धारित किया गया है. अब विभागीय जांच में यह स्पष्ट होगा कि सरकारी राशि के भुगतान में किन लोगों की भूमिका थी और इस पूरे मामले में आगे किन पर कार्रवाई होती है.