Bihar Education News: बिहार के गोपालगंज जिले में शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच से संबंधित रिपोर्ट जमा करने में लापरवाही बरतने पर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। जिले के पांच प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO), मेकर और प्रधानाध्यापकों (HM) का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का आदेश जारी किया गया है। विभाग ने संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को लंबित रिकॉर्ड जल्द जमा करने का अंतिम निर्देश दिया है। आदेश का पालन नहीं करने पर अनुशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।




जिला शिक्षा विभाग की स्थापना शाखा की ओर से गोपालगंज, कटेया, कुचायकोट, मांझा और विजयीपुर प्रखंडों के संबंधित अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। विभाग ने शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच के लिए नियुक्ति से जुड़े दस्तावेजों की समेकित सूची मांगी थी। इसके लिए संबंधित प्रखंडों को तीन दिनों की समय-सीमा दी गई थी। इसके बावजूद निर्धारित समय में रिपोर्ट जमा नहीं की गई। बाद में संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन आवश्यक प्रतिवेदन कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया गया। लगातार निर्देशों की अनदेखी के बाद विभाग ने वेतन स्थगित करने का आदेश जारी किया।




स्थापना डीपीओ विनय कुमार सुमन ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को पहले पत्र जारी कर तीन दिनों के भीतर नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों की समेकित सूची हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया था। निर्धारित समय में रिकॉर्ड नहीं मिलने पर 8 अक्टूबर को स्पष्टीकरण मांगा गया। इसके बावजूद संबंधित प्रखंडों से रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई।




बार-बार निर्देशों की अनदेखी के बाद 19 अक्टूबर को अंतिम आदेश जारी किया गया। विभाग ने संबंधित अधिकारियों को पत्र प्राप्त होते ही समेकित फोल्डर और प्रतिवेदन स्थापना शाखा में जमा करने का निर्देश दिया है। डीपीओ के अनुसार, समय-सीमा समाप्त होने और स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराना कर्तव्य के प्रति लापरवाही और उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना माना गया है।




शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे सत्यापन अभियान में बीपीएससी के टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 के तहत नियुक्त विद्यालय अध्यापक शामिल हैं। इसके अलावा प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापकों के प्रमाण पत्रों का भी सत्यापन किया जाना है। अनुकंपा के आधार पर नियुक्त विद्यालय परिचारी और लिपिकों के दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। इसके लिए नियुक्ति के समय जमा किए गए प्रमाण पत्रों का विवरण जुटाकर समेकित सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है।




शिक्षा विभाग के विशेष सचिव की ओर से 9 सितंबर को जारी पत्र के आलोक में प्रमाण पत्र सत्यापन की समीक्षा जिला पदाधिकारी के स्तर पर लगातार की जा रही है। स्थापना डीपीओ विनय कुमार सुमन ने बताया कि संबंधित प्रखंडों से समय पर रिकॉर्ड नहीं मिलने के कारण समीक्षा के दौरान विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग ने संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है।