Bihar News: बिहार के गोपालगंज जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाला सनसनीखेज मामला सामने आया है। मीरगंज थाना क्षेत्र में हुए संतोष कुमार हत्याकांड का पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए चौंकाने वाली सच्चाई उजागर की है। जिस हत्या के लिए पड़ोसियों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा था, उस मामले का मास्टरमाइंड खुद मृतक का सगा भाई निकला। पुलिस जांच में सामने आया है कि भाई ने अपने दोस्त के साथ मिलकर पहले हत्या की साजिश रची और फिर पड़ोसियों को झूठे मामले में फंसाकर उनकी जमीन कब्जाने की योजना बनाई थी।


मृतक की पहचान संतोष कुमार के रूप में हुई है, जो मूक-बधिर थे। पुलिस के अनुसार संतोष कुमार की हत्या बेहद सुनियोजित तरीके से की गई थी। शुरुआत में मामला पूरी तरह पड़ोसियों के खिलाफ मोड़ दिया गया था और हत्या के आरोप में तीन लोगों को जेल भी भेज दिया गया था। लेकिन जैसे-जैसे पुलिस जांच आगे बढ़ी, पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं।


जांच में खुलासा हुआ कि संतोष कुमार के भाई रामकिशोर यादव ने अपने दोस्त राज किशोर के साथ मिलकर इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक हत्या के पीछे मुख्य मकसद जमीन विवाद और पड़ोसियों को झूठे मुकदमे में फंसाना था। आरोपी चाहता था कि हत्या के बाद पड़ोसी जेल चले जाएं और वह उनकी जमीन पर कब्जा कर सके।


पुलिस ने तकनीकी जांच, पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर जब मामले की कड़ियां जोड़ीं तो पूरा सच सामने आ गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी रामकिशोर यादव और उसके सहयोगी राज किशोर को गिरफ्तार कर लिया। दोनों की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया गया है।


इस मामले में सबसे बड़ी लापरवाही शुरुआती जांच को लेकर सामने आई है। बिना पर्याप्त साक्ष्य और गहन जांच के तीन निर्दोष लोगों को जेल भेज दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए मीरगंज थानाध्यक्ष Durganand Mishra को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।