GOPALGANJ: दिव्यांगजनों के लिए केंद्र सरकार की एडिप (ADIP) योजना के तहत खरीदी गई 23 ट्राई साइकिलें जरूरतमंदों तक पहुंचने के बजाय पिछले चार वर्षों से गोदाम में धूल फांक रही हैं। लंबे समय तक उपयोग नहीं होने के कारण इनमें जंग लगने लगी है और कई ट्राई साइकिलें खराब होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया है।
एक बार फिर 1st बिहार झारखंड की खबर का असर हुआ है। गोपालगंज के सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन की पहल पर जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी समीर सौरभ ने विकास आयुक्त की अध्यक्षता में दो सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है।
केंद्र सरकार की एडिप (ADIP) योजना का उद्देश्य दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। लेकिन गोपालगंज में इसी योजना के तहत खरीदी गई 23 नई ट्राई साइकिलें करीब चार वर्षों से प्रखंड कार्यालय परिसर में बेकार पड़ी हैं। इस दौरान जरूरतमंद दिव्यांग इनका इंतजार करते रहे, जबकि ट्राई साइकिलें जंग और धूल की भेंट चढ़ती रहीं।
मामला उजागर होने के बाद सांसद डॉ. आलोक कुमार सुमन ने जिला प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया। इसके बाद डीएम समीर सौरभ ने जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित कर मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं। समिति संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच करेगी तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा करेगी।
डीएम समीर सौरभ ने कहा कि जांच रिपोर्ट मिलने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, उपयोग योग्य ट्राई साइकिलों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द पात्र दिव्यांगजनों के बीच वितरित किया जाएगा, ताकि योजना का वास्तविक लाभ जरूरतमंद लोगों तक पहुंच सके।
गोपालगंज से नमो नारायण मिश्र की रिपोर्ट