Bihar News : गोपालगंज जिले से शुक्रवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। महम्मदपुर थाना क्षेत्र के डुमरिया घाट पर गंडक नदी पार करने के दौरान एक ही परिवार की तीन किशोरियां गहरे पानी में समा गईं। घटना के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और गांव में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और नदी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी परेशानी आ रही है।
मिली जानकारी के अनुसार तीनों किशोरियां अपनी मां के साथ खेती-बाड़ी के काम से गंडक नदी के उस पार जा रही थीं। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में लगातार बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है और नदी में तेज धारा बह रही है। इसी दौरान नदी पार करते समय अचानक संतुलन बिगड़ गया और तीनों किशोरियां गहरे पानी में चली गईं। देखते ही देखते वे तेज बहाव में लापता हो गईं।
घटना के वक्त घाट पर मौजूद लोगों ने शोर मचाया और स्थानीय स्तर पर बचाव की कोशिश भी की गई, लेकिन नदी की तेज धारा और खराब मौसम के कारण किसी को सफलता नहीं मिल सकी। हादसे की खबर फैलते ही डुमरिया घाट पर भारी भीड़ जुट गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर तरफ मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।
सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और तत्काल SDRF तथा NDRF की टीम को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। राहत टीम स्थानीय गोताखोरों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी किनारे कई किलोमीटर तक तलाश अभियान जारी है। प्रशासन ने आसपास के गांवों और घाटों को भी अलर्ट कर दिया है ताकि किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
हालांकि लगातार बारिश और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर की वजह से राहत कार्य काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है। तेज बहाव के कारण गोताखोरों को भी पानी में उतरने में कठिनाई हो रही है। बावजूद इसके SDRF और NDRF की टीम लगातार किशोरियों की तलाश में जुटी हुई है।
महम्मदपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार भी मौके पर पहुंच चुके हैं और पूरे घटनाक्रम की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ राहत एवं बचाव कार्य में लगा हुआ है। स्थानीय लोगों से भी सहयोग की अपील की गई है। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर कैंप कर रही है।
इस हादसे के बाद इलाके के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में गंडक नदी का जलस्तर अचानक बढ़ जाता है, जिससे नदी पार करना बेहद खतरनाक हो जाता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से सुरक्षित नाव व्यवस्था और घाटों पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग की है। फिलहाल पूरे गांव की नजर रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई है। परिजन लगातार प्रशासन से किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं गांव में हर किसी की जुबान पर सिर्फ इसी दर्दनाक हादसे की चर्चा हो रही है।