GOPALGANJ: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार गोपालगंज का दौरा किया। जिले में उनके आगमन पर कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। गोपालगंज पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सबसे पहले प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने मां थावे भवानी के दरबार में विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया।
मंदिर परिसर में पंडितों के मंत्रोच्चार के बीच मुख्यमंत्री ने विशेष पूजा की। उनके आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और मंदिर परिसर में प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
मेडिकल कॉलेज के लिए प्रस्तावित भूमि का किया निरीक्षण
पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी थावे प्रखंड के चनावे पहुंचे, जहां उन्होंने जेल के समीप प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के लिए चिन्हित भूमि का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से जमीन की उपलब्धता, प्रस्तावित परियोजना और निर्माण की तैयारियों की विस्तृत जानकारी ली।
थावे मंदिर के विकास और पर्यटन सुविधाओं पर जोर
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने मुख्यमंत्री के दौरे को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मां थावे भवानी करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की धार्मिक आस्था गहरी है और उनके थावे आगमन से जिलेवासियों में उत्साह का माहौल है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि थावे मंदिर के विकास, पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाओं को लेकर सरकार कई महत्वपूर्ण निर्णय ले सकती है।
गोपालगंज के लिए बड़ी सौगात बन सकता है मेडिकल कॉलेज
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज के स्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और निरीक्षण के बाद सरकार आगे की प्रक्रिया पर निर्णय लेगी। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की स्थापना गोपालगंज के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी।
वहीं, बिहार सरकार के पूर्व मंत्री जनक राम ने मुख्यमंत्री के दौरे को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी का यह पहला गोपालगंज दौरा है, जिससे जिले के लोगों में नई उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित मेडिकल कॉलेज की मांग अब पूरी होने की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।
मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं के व्यापक इंतजाम किए गए। जिलेवासियों को उम्मीद है कि इस दौरे के बाद मेडिकल कॉलेज परियोजना और थावे मंदिर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।