GOPALGANJ: बिना हेलमेट पहने यदि कोई बाइक सवार हॉस्पिटल आता है तो उन्हें अस्पताल के गेट के अंदर घुसने नहीं देने का निर्देश सुरक्षा कर्मियों को दिया गया है। सिविल सर्जन ने इस आदेश को सख्ती से लागू करने को कहा है।
दरअसल गोपालगंज सदर अस्पताल में बिना हेलमेट बाइक से इलाज कराने पहुंचने वाले बाइक चालकों को अस्पताल में प्रवेश करने पर स्वास्थ्य विभाग ने रोक लगा दी गई है। अस्पताल के मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मी बिना हेलमेट वाले किसी भी व्यक्ति को अंदर जाने से रोक रहे हैं। यह कदम सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ते हादसों को रोकने और लोगों को हेलमेट पहनने के लिए जागरूक करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सुरक्षाकर्मी नमी राम ने बताया कि सिविल सर्जन द्वारा दिए आगे आदेश के अनुसार बिना हेलमेट पहने अगर कोई भी सदर अस्पताल में बाइक सवार प्रवेश करना चाहता है तो उसकी इंट्री पर रोक लगाई जा रही है। अक्सर देखने को यह मिलता है कि बिना इलाज कराने वाले बहुत इसे लोग है, जो अपना बाइक को पार्क करने के लिए सदर अस्पताल के पार्किंग का सहारा लेते है।
जिससे बाईकों की संख्या में काफी वृद्धि हो जाती है। ऐसे में जो मरीज या उनके परिजन सदर अस्पताल में इलाज कराने आते है तो उन्हें समस्या होती है। इसके अलावा सड़क सुरक्षा को लेकर भी जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जो भी बाइक सवार इमरजेंसी में हेलमेट लेकर नहीं आ पाते है तो उन्हें छोड़ दिया जाता है।
उनपर कोई प्रतिबंध नहीं है। या फिर अगर ओपीडी में इलाज कराने बाइक से आते है और हेलमेट नहीं लाते है, तो आपको बिना बाइक के ही अस्पताल में प्रवेश करना होगा या फिर हमारे सुरक्षा कर्मी आपको इलाज कराने में सहयोग करेंगे। हेलमेट पहनने से क्या है फायदा,क्यों उठाए गए ये कदम सड़क-सुरक्षा हेलमेट सिर को गंभीर चोटों से बचाता है।
बिना हेलमेट के बाइक चलाना कानूनन अपराध भी है। जागरूकता- इस कदम से लोग हेलमेट पहनने के महत्व को समझेंगे और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक होंगे। दुर्घटनाओं में कमी- हेलमेट पहनने से सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों और चोटों में कमी आएगी।